बागेश्वर धाम में आयोजित 301 कन्या विवाह महोत्सव के तहत गुरुवार को सवा लाख हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया जा रहा है। धार्मिक अनुष्ठानों के बीच पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने धर्म, संगठन और समाज की भूमिका को लेकर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि केवल “सीताराम-सीताराम” का जप करने से धर्म सुरक्षित नहीं रहेगा, बल्कि माला के साथ भाला भी रखना होगा और धर्म की रक्षा के लिए मठों से बाहर निकलना होगा।
देश से विदेश तक सुंदरकांड मंडल की योजना
अपने संबोधन में धीरेंद्र शास्त्री ने बताया कि 12 देशों में पहले से गतिविधियां संचालित हैं और अब अमेरिका में भी बागेश्वर धाम का सुंदरकांड मंडल स्थापित किया जाएगा। इसी वर्ष यूरोप के 8 देशों में भी ऐसे मंडल बनाने की योजना है। उन्होंने कहा कि सुंदरकांड मंडल बनने के बाद शस्त्र और शास्त्र दोनों का प्रशिक्षण दिया जाएगा तथा बेटियों को जूडो-कराटे भी सिखाया जाएगा।
“दाढ़ी तब बनाएंगे जब बेटियों का विवाह हो जाएगा”
शास्त्री ने कहा कि वे एक विशेष संकल्प के तहत दाढ़ी तब बनाएंगे जब बेटियों का विवाह संपन्न हो जाएगा। उन्होंने बताया कि वे एक समय फलाहार और दूसरे समय दवा के साथ भोजन कर रहे हैं। उनके अनुसार, बेटियों का विवाह अत्यंत पुण्य का कार्य है और इसे उनकी समिति तथा शिष्यमंडल ने जिम्मेदारी के रूप में स्वीकार किया है।
मऊ से 300 सदस्य पहुंचे, 7100 सदस्यों की ओर से 21 बार पाठ
हनुमान चालीसा पाठ में भाग लेने के लिए उत्तर प्रदेश के मऊ से श्री हनुमत कृपा सेवा समिति के 300 सदस्य पहुंचे हैं। समिति के प्रतिनिधियों ने जानकारी दी कि 7100 सदस्यों की ओर से 21 बार पाठ किया जाना है। इस आयोजन में राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के संयोजक मोहम्मद फैज खान भी शामिल हैं।
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 8 बजे से 11 बजे तक सुंदरकांड पाठ से हुई। इसके बाद दोपहर 12 बजे से सवा लाख हनुमान चालीसा पाठ आरंभ किया गया, जिसके पहले विधिवत पूजन सम्पन्न हुआ। शाम को भागवत कथा और रात्रि में हवन का आयोजन होगा। सेवादार कमल अवस्थी ने बताया कि ऑनलाइन हवन से करीब 5 लाख लोगों के जुड़ने की संभावना है।
15 फरवरी को विवाह संस्कार
विवाह समारोह की रस्में चरणबद्ध तरीके से संपन्न होंगी। शुक्रवार से मेहंदी और हल्दी की रस्में शुरू होंगी, अगले दिन संगीत कार्यक्रम होगा। 15 फरवरी को सात फेरे, बारात और विदाई की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसी दिन मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव मंडप कार्यक्रम में पहुंचकर नवविवाहित बेटियों को आशीर्वाद देंगे।
उपहार में एफडी और गृहस्थी सामग्री
समारोह के मुख्य व्यवस्थापक के रूप में धीरेंद्र गौर को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने बताया कि इस बार नव दंपतियों को बाइक और होम आटा-चक्की नहीं दी जा रही है, क्योंकि इससे नए परिवार पर अतिरिक्त खर्च का बोझ बढ़ रहा था। इसके स्थान पर प्रत्येक जोड़े को 30-30 हजार रुपये की फिक्स डिपॉजिट (FD) प्रदान की जा रही है। साथ ही सोने की लौंग और बाली दी जाएगी। दुल्हन को मंगलसूत्र, श्रृंगार सामग्री और लगभग ढाई लाख रुपये मूल्य का गृहस्थी का सामान भी दिया जा रहा है।
विदेश से 1500 भक्तों के आने की तैयारी
धीरेंद्र गौर ने बताया कि आसपास के गांवों में निमंत्रण स्वरूप पीले चावल वितरित किए जा रहे हैं। विदेश से करीब 1500 भक्तों के आने की संभावना है, जिनमें से लगभग 100 श्रद्धालु पहले ही पहुंच चुके हैं। दुबई, नेपाल, फिजी, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और लंदन से गुरुभाई आना शुरू हो गए हैं। ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड से एमएलए भी आने वाले हैं।
आयोजकों के अनुसार, तीन दिनों में 10 से 12 लाख लोगों के पहुंचने का अनुमान है। आयोजन की व्यवस्था के लिए धाम से पंजीकृत 75 सेवादार संगठन देशभर में सक्रिय हैं। इनके लगभग 12 हजार सदस्य समारोह की व्यवस्थाएं संभालने के लिए पहुंच रहे हैं और उन्हें अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी।