तमिलनाडु की राजनीति में इस बार बड़ा उलटफेर देखने को मिला है. अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) ने विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए खुद को सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर स्थापित कर लिया है. हालांकि पार्टी अभी बहुमत के आंकड़े से कुछ सीटें दूर है, इसलिए सरकार गठन को लेकर लगातार राजनीतिक हलचल तेज बनी हुई है. इस बीच पूर्व सीएम एम के स्टालिन ने विजय को बड़ी राहत दी है.
चुनाव नतीजों के बाद विजय लगातार सहयोगी दलों और निर्दलीय विधायकों से संपर्क साध रहे हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक TVK के पास 108 विधायक हैं, जबकि सरकार बनाने के लिए 118 सीटों की जरूरत है. ऐसे में कांग्रेस समेत कुछ छोटे दलों का समर्थन पार्टी के लिए अहम माना जा रहा है.
स्टालिन ने क्या दी विजय को खुशखबरी
इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री एम के स्टालिन का बड़ा बयान भी सामने आया है. उन्होंने कहा है कि अगर विजय सरकार बनाते हैं तो DMK शुरुआती छह महीने तक बिना किसी व्यवधान के सरकार के कामकाज को देखेगी. स्टालिन के इस बयान को तमिलनाडु की राजनीति में नरम रुख और नई रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है. मतलब साफ है कि आने वाले 6 महीनों तक किसी भी हालत में विजय की सरकार को परेशानी नहीं होने वाली है.
AIADMK नहीं देगी विजय को समर्थन
उधर AIADMK ने साफ कर दिया है कि वह TVK को समर्थन नहीं देगी. पार्टी नेतृत्व ने कहा कि किसी भी परिस्थिति में विजय की पार्टी के साथ सरकार बनाने का सवाल नहीं उठता है. हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि शुरुआती स्तर पर समर्थन को लेकर बातचीत हुई थी, लेकिन बाद में मामला आगे नहीं बढ़ सका.
राज्यपाल से मिलने पहुंचे विजय
सरकार गठन की कवायद के बीच विजय ने राज्यपाल से मुलाकात कर समर्थन का दावा भी पेश किया है. हालांकि अब तक राजभवन की ओर से औपचारिक निमंत्रण नहीं मिला है. बताया जा रहा है कि राज्यपाल बहुमत के आंकड़ों को लेकर पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं और राजनीतिक स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. यही वजह है कि आज सुबह एक बार फिर विजय राज्यपाल से मिलने राजभवन पहुंचे हैं.