MP में मौसम का डबल असर: कहीं गर्मी तो कहीं बारिश, 26 मार्च से फिर बदलेगा मिजाज; 45 जिलों में पहले गिर चुके ओले

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मध्य प्रदेश में मौसम इन दिनों लगातार करवट बदल रहा है। बीते 24 घंटों के दौरान जहां एक ओर कई हिस्सों में तेज गर्मी का असर देखने को मिला, वहीं कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश और बादलों की मौजूदगी ने तापमान को संतुलित बनाए रखा। मौसम विभाग के अनुसार रीवा में करीब 3 मिमी और सागर में 1 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि ग्वालियर-चंबल सहित आसपास के इलाकों में दिनभर बादल छाए रहे। इस बदलाव की मुख्य वजह उत्तरी हिस्से में सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम को माना जा रहा है, जिसके कारण कुछ शहरों में तापमान सामान्य से नीचे भी दर्ज हुआ।

सोमवार को ग्वालियर में दिन का तापमान 30 डिग्री से नीचे रहा, जबकि प्रदेश के अन्य हिस्सों में गर्मी का असर बना रहा। उज्जैन, भोपाल, इंदौर और जबलपुर जैसे बड़े शहरों में तापमान 34 से 35 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया। रायसेन 38 डिग्री के साथ सबसे गर्म रहा, वहीं नर्मदापुरम, रतलाम, खरगोन और गुना जैसे जिलों में भी पारा 36 डिग्री के पार पहुंच गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि मंगलवार को प्रदेश में गर्मी और बढ़ेगी, लेकिन 26 और 27 मार्च से एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलेगा और कई इलाकों में आंधी-बारिश का दौर शुरू हो सकता है।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 26 मार्च से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा, जिसका असर मध्य प्रदेश के ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग में देखने को मिलेगा। इसके अलावा 29 मार्च के आसपास एक और सिस्टम एक्टिव होने की संभावना है, जिससे अप्रैल की शुरुआत भी बारिश और तेज हवाओं के साथ हो सकती है।

गौरतलब है कि इससे पहले प्रदेश में लगातार चार दिन तक आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर चला था, जिसका असर 45 जिलों में देखा गया। इनमें से 17 जिलों में ओले गिरने से फसलों को नुकसान पहुंचा है, खासतौर पर केला, पपीता और गेहूं की फसल प्रभावित हुई है। मौसम साफ होते ही अब तापमान में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है।

इस साल फरवरी और मार्च में मौसम का असामान्य पैटर्न देखने को मिला है। फरवरी में चार बार ओले और बारिश का दौर आया, जबकि मार्च में भी अब तक तीन बार मौसम ने करवट बदली है। विशेषज्ञों का कहना है कि मार्च में आमतौर पर दिन गर्म और रातें हल्की ठंडी रहती हैं, लेकिन इस बार तीनों मौसम—गर्मी, ठंडक और बारिश—एक साथ देखने को मिल रहे हैं।

मौसम विभाग ने आगे के लिए चेतावनी दी है कि अप्रैल और मई में गर्मी अपने चरम पर हो सकती है। प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जाने का अनुमान है। ऐसे में आने वाले दिनों में लोगों को बदलते मौसम के साथ-साथ तेज गर्मी के लिए भी तैयार रहना होगा।