अंतरराष्ट्रीय हालातों के असर ने सर्राफा बाजार की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की जा रही है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोना 10 ग्राम पर करीब 12 हजार रुपए से ज्यादा सस्ता होकर अब लगभग 1.35 लाख रुपए पर आ गया है। कुछ हफ्ते पहले तक यही सोना 1.47 लाख रुपए के आसपास था, ऐसे में यह गिरावट निवेशकों के लिए चौंकाने वाली मानी जा रही है।
चांदी की बात करें तो इसमें गिरावट और भी तेज रही है। एक किलो चांदी के दाम में करीब 30 हजार रुपए से ज्यादा की कमी आई है, जिसके बाद इसका भाव करीब 2.01 लाख रुपए प्रति किलो रह गया है। महज कुछ दिनों पहले यह 2.32 लाख रुपए प्रति किलो के स्तर पर थी। आंकड़ों के मुताबिक, पिछले करीब तीन-चार हफ्तों में सोना लगभग 24 हजार रुपए तक सस्ता हुआ है, जबकि चांदी में 65 हजार रुपए से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस गिरावट के पीछे वैश्विक स्तर पर बनी अनिश्चितता, निवेशकों की मुनाफावसूली और बदलती डिमांड- सप्लाई की स्थिति अहम कारण हैं। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में जोखिम बढ़ता है, तो कभी-कभी निवेशक सुरक्षित विकल्पों से भी पैसा निकालकर कैश पोजीशन में आ जाते हैं, जिससे कीमतों पर दबाव बनता है।
अगर इस साल की शुरुआत से अब तक के ट्रेंड पर नजर डालें तो सोने ने पहले जबरदस्त तेजी दिखाई थी। दिसंबर 2025 के अंत में यह करीब 1.33 लाख रुपए के स्तर पर था, जो जनवरी के अंत तक बढ़कर करीब 1.76 लाख रुपए तक पहुंच गया। हालांकि, इसके बाद लगातार गिरावट का दौर शुरू हुआ और अब यह अपने उच्चतम स्तर से करीब 40 हजार रुपए से ज्यादा नीचे आ चुका है।
चांदी में उतार-चढ़ाव और भी ज्यादा रहा है। अपने पीक स्तर से यह तेजी से नीचे आई है और कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। कुल मिलाकर, वैश्विक परिस्थितियों और बाजार की चाल ने फिलहाल सोना-चांदी को सस्ता बना दिया है, लेकिन आगे की दिशा अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर ही निर्भर करेगी।