केंद्र सरकार ने नेशनल टीचर्स अवॉर्ड 2026 के लिए देशभर से 48 शिक्षकों का चयन किया है। इन शिक्षकों को शिक्षा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।
चयनित शिक्षकों में 26 पुरुष और 22 महिला शिक्षक शामिल हैं। इस बार उत्तर प्रदेश से तीन शिक्षकों का चयन हुआ है, जबकि मध्य प्रदेश और बिहार से दो-दो शिक्षक पुरस्कार के लिए चुने गए हैं।
देश के अलग-अलग हिस्सों से शिक्षकों का चयन किया गया है। इनमें केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय, सैनिक स्कूल, आदर्श जनजातीय स्कूल और पीएम श्री स्कूलों सहित विभिन्न संस्थानों के शिक्षक शामिल हैं।
कुल 27 राज्यों और 7 केंद्र शासित प्रदेशों से शिक्षकों को इस सम्मान के लिए चुना गया है। चयन प्रक्रिया में अलग-अलग क्षेत्रों और स्कूलों में बेहतर काम करने वाले शिक्षकों को शामिल किया गया।
स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के अनुसार, पुरस्कार के लिए शिक्षकों का चयन तीन चरणों में किया गया। यह प्रक्रिया जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पूरी की गई।
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार का उद्देश्य उन शिक्षकों के काम को सामने लाना है, जिन्होंने अपनी मेहनत और प्रतिबद्धता से स्कूल शिक्षा को बेहतर बनाने में योगदान दिया है। ऐसे शिक्षकों के प्रयासों से विद्यार्थियों की पढ़ाई और विकास को भी बढ़ावा मिलता है।
पुरस्कार के लिए ऐसे शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाती है, जिन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए प्रभावी काम किया हो। इसके अलावा विद्यार्थियों के सीखने और उनके समग्र विकास में विशेष योगदान देने वाले शिक्षकों को भी चयन में शामिल किया जाता है।
शिक्षण के नए और प्रभावी तरीकों का इस्तेमाल करने वाले शिक्षक भी इस सम्मान के लिए पात्र माने जाते हैं। अपने काम के जरिए दूसरे शिक्षकों के लिए प्रेरणा बनने वाले शिक्षकों के योगदान को भी महत्व दिया जाता है।
नेशनल टीचर्स अवॉर्ड की शुरुआत 1958 में हुई थी। इसका उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन और समर्पित शिक्षकों के योगदान को सार्वजनिक रूप से पहचान देना और उन्हें सम्मानित करना है।
चयनित 48 शिक्षकों को 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पुरस्कार प्रदान करेंगी। शिक्षक दिवस हर साल 5 सितंबर को मनाया जाता है और इसी अवसर पर राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षकों को सम्मानित किया जाता है।

