सोनिया गांधी बोलीं- मनमोहन सिंह सबसे प्रभावशाली प्रधानमंत्रियों में एक थे: ईमानदारी पर उठे सवालों का सच सामने आया, इतिहास सम्मान से याद करेगा

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पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने मनमोहन सिंह के कार्यकाल और मौजूदा सरकार के कामकाज की तुलना करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री की ईमानदारी और जवाबदेही को लेकर अपनी बात रखी।

सोनिया गांधी ने कहा कि मनमोहन सिंह शांत और सरल स्वभाव के होने के बावजूद देश के सबसे प्रभावशाली प्रधानमंत्रियों में से एक थे। उनके मुताबिक, मनमोहन सिंह की ईमानदारी और सार्वजनिक जीवन में जवाबदेही का रिकॉर्ड मौजूदा सरकार के काम करने के तरीके से बिल्कुल अलग था। उन्होंने कहा कि इतिहास मनमोहन सिंह को सम्मान के साथ याद करेगा।

सोनिया गांधी ने आरोप लगाया कि मनमोहन सिंह के खिलाफ लंबे समय तक एक सुनियोजित अभियान चलाया गया। उन्होंने दावा किया कि इस अभियान में अलग-अलग संस्थानों और राजनीतिक संगठनों से जुड़े लोग शामिल थे। उनके अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मनमोहन सिंह के खिलाफ लगाए गए आरोपों को लेकर सवाल और गंभीर हो गए हैं।

कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में 2005 में ओडिशा के तालाबीरा-II कोयला ब्लॉक का आवंटन किया गया था। उस समय मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री के साथ कोयला मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे थे। आरोप था कि आवंटन की प्रक्रिया में बदलाव किया गया और एक निजी कंपनी को इसमें शामिल किया गया।

इस मामले की जांच के बाद केंद्रीय जांच एजेंसी ने मनमोहन सिंह के खिलाफ आपराधिक मामला नहीं बनने की बात कहते हुए क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी। हालांकि, बाद में ट्रायल कोर्ट ने इस रिपोर्ट को स्वीकार नहीं किया और मनमोहन सिंह समेत अन्य लोगों को समन जारी किए गए थे।

29 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार करते हुए ट्रायल कोर्ट के समन वाले आदेश को रद्द कर दिया। अदालत ने माना कि क्लोजर रिपोर्ट को खारिज करने और मामले में संज्ञान लेने के लिए पर्याप्त ठोस आधार नहीं था। इसके बाद इस मामले में मनमोहन सिंह के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही खत्म हो गई।

सोनिया गांधी ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को हालिया राजनीतिक इतिहास का महत्वपूर्ण दिन बताया। उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह ईमानदारी और सत्यनिष्ठा के लिए जाने जाते थे और उनके खिलाफ चलाया गया अभियान अब अपने अंत तक पहुंच गया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया गया।

उन्होंने अपने लेख में मनमोहन सिंह की सरकार की आर्थिक उपलब्धियों का भी जिक्र किया। सोनिया गांधी के मुताबिक, उस दौर में आर्थिक विकास को गति मिली, निजी निवेश बढ़ा और बड़ी संख्या में लोग गरीबी से बाहर आए। उन्होंने शिक्षा का अधिकार, मनरेगा, वन अधिकार कानून और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून जैसी योजनाओं को भी उनकी सरकार की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल किया।

सोनिया गांधी ने भारत-अमेरिका परमाणु समझौते को भी मनमोहन सिंह के कार्यकाल की बड़ी उपलब्धियों में बताया। उन्होंने कहा कि इस समझौते से भारत की वैश्विक स्थिति मजबूत हुई और देश के सामने मौजूद कई पुरानी परमाणु पाबंदियों को खत्म करने में मदद मिली। उन्होंने इसे मनमोहन सिंह के राजनीतिक साहस और लगातार प्रयासों का परिणाम बताया।

सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2017 के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने मनमोहन सिंह पर तंज कसा था। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि समय के साथ मनमोहन सिंह की ईमानदारी को लेकर लगाए गए आरोप कमजोर साबित हुए हैं। सोनिया गांधी ने कहा कि मनमोहन सिंह आज इस फैसले को देखने के लिए हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके सार्वजनिक जीवन को लेकर इतिहास अपना फैसला जरूर देगा।