NEET पेपर लीक के विरोध में देशभर में उग्र प्रदर्शन, पटना में कांग्रेस-बीजेपी समर्थकों के बीच झड़प, कई राज्यों में पुलिस कार्रवाई

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देशभर में NEET पेपर लीक मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होते जा रहे हैं। शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों, छात्र संगठनों और सामाजिक समूहों ने कई राज्यों में प्रदर्शन किए। राजधानी दिल्ली में शुरू हुए विरोध प्रदर्शन का असर अब बिहार, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र और हरियाणा सहित कई राज्यों में देखने को मिला। कई जगह प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे, जबकि कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव, धक्का-मुक्की तथा बल प्रयोग की घटनाएं भी सामने आईं। पूरे दिन विभिन्न शहरों में प्रदर्शन, रैलियां और विरोध मार्च जारी रहे, जिससे राजनीतिक माहौल काफी गर्म हो गया।

बिहार की राजधानी पटना में प्रदर्शन सबसे अधिक चर्चा का विषय रहा। यहां कांग्रेस और बीजेपी समर्थकों के बीच तीखी नोकझोंक के बाद मामला हिंसक हो गया। दोनों पक्षों के बीच पत्थरबाजी और डंडों से झड़प होने की घटनाएं सामने आईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों ओर से काफी देर तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा। बीजेपी नेताओं का आरोप था कि कांग्रेस कार्यकर्ता पहले से तैयारी के साथ मौजूद थे, जबकि कांग्रेस की ओर से भी अपने पक्ष में दावे किए गए। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस मौके पर मौजूद रही और हालात को नियंत्रित करने का प्रयास करती रही। घटना के बाद क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए ताकि स्थिति दोबारा न बिगड़े।

पटना में ही छात्र संगठनों ने भी NEET पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन किया। छात्र राजभवन की ओर मार्च निकाल रहे थे, लेकिन पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोकने की कोशिश की। प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने पर अड़े रहे, जिसके बाद पुलिस ने पहले वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बाद आंसू गैस के गोले छोड़े गए और स्थिति नियंत्रण से बाहर जाती देख लाठीचार्ज भी किया गया। इस कार्रवाई में कई छात्रों को चोटें आने की खबर सामने आई। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण मार्च को बलपूर्वक रोका गया, जबकि पुलिस का कहना था कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए।

राजस्थान की राजधानी जयपुर में भी राजनीतिक माहौल पूरे दिन गरमाया रहा। कांग्रेस कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे बीजेपी कार्यकर्ताओं को पुलिस ने आगे बढ़ने से रोका। जब प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स पार करने का प्रयास करने लगे तो पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का सहारा लिया। इस दौरान काफी देर तक नारेबाजी, विरोध प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई जारी रही। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए थे।

उत्तर प्रदेश के कई शहरों में भी इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन हुए। लखनऊ में बीजेपी कार्यकर्ता कांग्रेस कार्यालय की ओर बढ़ रहे थे, जहां पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस कार्यकर्ता भी अपने कार्यालय पर डटे रहे और राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई। वाराणसी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में विपक्षी नेताओं के साथ हुई कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किया, जिसके बाद पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। कुछ स्थानों पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी पेपर लीक और पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किया।

दिल्ली में भी आंदोलन लगातार जारी रहा। विपक्षी दलों ने संसद परिसर और अन्य स्थानों पर NEET पेपर लीक मामले को लेकर विरोध दर्ज कराया। विपक्षी सांसदों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए नारेबाजी की। इसी दौरान नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद लगातार धरने पर बैठे रहे और उन्होंने छात्रों के साथ हुई पुलिस कार्रवाई का विरोध किया। बारिश के बावजूद प्रदर्शन जारी रहने से यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक बहस का केंद्र बना रहा। विभिन्न विपक्षी नेताओं ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई।

मध्य प्रदेश में भी इस मुद्दे की गूंज विधानसभा तक सुनाई दी। कांग्रेस विधायक काली पट्टी बांधकर विधानसभा पहुंचे और छात्रों के मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की। जब सदन में इस विषय पर चर्चा की अनुमति नहीं मिली तो विपक्ष ने विरोध प्रदर्शन किया और सदन में हंगामे की स्थिति बन गई। इसके अलावा विधानसभा परिसर के बाहर भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। पूरे दिन यह मुद्दा राज्य की राजनीति का प्रमुख विषय बना रहा।

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लोकभवन का घेराव करते हुए सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच और छात्रों को न्याय दिलाने की मांग की। वहीं गुजरात के अहमदाबाद में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध मार्च निकाला, जहां पुलिस ने कई नेताओं को हिरासत में लिया। कुछ प्रदर्शनकारी पुलिस वाहनों पर चढ़ गए, जिसके बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी। महाराष्ट्र के मुंबई में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारे लगाए, जिसके बाद पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया।

हरियाणा के विभिन्न जिलों में भी इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं। यमुनानगर, हिसार, भिवानी, करनाल, पंचकूला, कुरुक्षेत्र और फतेहाबाद सहित कई स्थानों पर कांग्रेस और अन्य संगठनों ने प्रदर्शन किए। कुछ जगहों पर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई, जबकि कई स्थानों पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की। अलग-अलग संगठनों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने की मांग दोहराई। पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण और प्रशासनिक निगरानी के बीच संपन्न हुए।

पूरे घटनाक्रम के केंद्र में NEET पेपर लीक विवाद और शिक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवाल बने हुए हैं। विभिन्न राजनीतिक दल, छात्र संगठन और सामाजिक समूह लगातार निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं। कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन, रैलियां, धरने और राजनीतिक बयानबाजी के बीच यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। आने वाले दिनों में जांच एजेंसियों की कार्रवाई, सरकार की प्रतिक्रिया और विभिन्न संगठनों के आंदोलन की दिशा पर सभी की नजर रहेगी, क्योंकि लाखों छात्रों और उनके भविष्य से जुड़े इस मामले ने पूरे देश में व्यापक राजनीतिक और सामाजिक बहस को जन्म दिया है।