भिलाई नगर थाना क्षेत्र में तंत्र-मंत्र, धार्मिक अनुष्ठान और शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच देकर एक महिला से करीब 85 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में मध्य प्रदेश के इंदौर से आरोपी पवन बधोरिया को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। फिलहाल उसके बैंक खातों, लेनदेन और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
पुलिस के अनुसार पीड़िता संगीता कश्यप ने शिकायत में बताया कि वर्ष 2023 में रायपुर में आयोजित एक पारिवारिक कार्यक्रम के दौरान उसकी मुलाकात जबलपुर निवासी पवन बधोरिया से हुई थी। बातचीत के दौरान महिला ने अपने परिवार की परेशानियों का जिक्र किया, जिसके बाद आरोपी ने दावा किया कि वह विशेष पूजा-पाठ, तंत्र-मंत्र और धार्मिक अनुष्ठानों के जरिए सभी समस्याओं का समाधान कर सकता है। इसी भरोसे का फायदा उठाते हुए उसने महिला से लगातार संपर्क बनाए रखा और अलग-अलग कारण बताकर पैसों की मांग शुरू कर दी।
आरोपी ने महिला को यह कहकर डराया कि उसके परिवार पर जिन्न और प्रेत बाधा का प्रभाव है। उसने दावा किया कि यदि समय रहते विशेष पूजा नहीं कराई गई तो पूरे परिवार पर बड़ा संकट आ सकता है। कभी गुप्त अनुष्ठान कराने, कभी लगातार 43 दिनों तक दीपक जलाने और कभी विशेष धार्मिक क्रियाएं कराने के नाम पर वह अलग-अलग किस्तों में पैसे लेता रहा। जब भी महिला पैसे देने में देरी करती, आरोपी कथित रूप से अनहोनी और गंभीर नुकसान होने की चेतावनी देकर मानसिक दबाव बनाता था।
शिकायत के मुताबिक आरोपी ने यह भी कहा था कि विशेष पूजा नहीं कराई गई तो महिला के पति के साथ सड़क दुर्घटना हो सकती है। इस बहाने उसने करीब डेढ़ लाख रुपये लिए। बाद में महिला के पति की सड़क हादसे में मौत हो गई। इस घटना के बाद भी आरोपी ने महिला के दुख और मानसिक स्थिति का फायदा उठाते हुए पैसों की मांग बंद नहीं की। कभी माता के ऑपरेशन, कभी पिता की मृत्यु, तो कभी खुद के कानूनी मामलों का हवाला देकर वह लगातार रकम मंगवाता रहा।
इतना ही नहीं, आरोपी ने महिला के बेटे को भी अपने झांसे में ले लिया। उसने शेयर बाजार और ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश करने पर कम समय में बड़ा मुनाफा दिलाने का दावा किया। उसने खुद को बड़े निवेशकों से जुड़ा बताते हुए करोड़ों रुपये का रिटर्न मिलने का भरोसा दिलाया। इस विश्वास में महिला और उसके बेटे ने कई बार अलग-अलग बैंक खातों में बड़ी रकम ट्रांसफर की, लेकिन न तो कोई लाभ मिला और न ही निवेश की गई राशि वापस लौटाई गई।
जांच में सामने आया कि आरोपी समय-समय पर नए बहाने बनाकर पैसे मांगता रहा। एक बार उसने फोन कर दावा किया कि पुलिस ने उसे पकड़ लिया है और रिहाई के लिए बड़ी रकम की जरूरत है। वहीं कई मौकों पर उसने पीड़िता और उसके बेटे को झूठे मामलों में फंसाने तथा गुंडों से नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी। डर और दबाव के कारण पीड़िता ने कई बार अतिरिक्त रकम भी उसके खातों में भेज दी।
जब महिला और उसके बेटे ने अपनी पूरी रकम वापस मांगी तो आरोपी टालमटोल करने लगा। शिकायत के अनुसार अक्टूबर 2025 में उसने अपने हाथ की नस काटने की तस्वीर व्हाट्सएप पर भेजकर भावनात्मक और मानसिक दबाव बनाने की कोशिश की, ताकि उससे पैसे वापस न मांगे जाएं। बाद में उसने सरकारी नौकरी दिलाने का झूठा वादा किया और कथित फर्जी नियुक्ति पत्र तथा जॉइनिंग का भरोसा देकर फिर से पैसे ऐंठ लिए। एक अवसर पर उसने महिला को भोपाल बुलाकर लगभग चार लाख रुपये नकद भी ले लिए।
करीब दो वर्षों तक अलग-अलग बहानों से करोड़ों के मुनाफे, धार्मिक समाधान और भविष्य की सुरक्षा का भरोसा दिलाकर आरोपी लगातार रकम वसूलता रहा। जब पीड़िता को अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ और उसने पैसे लौटाने की मांग की, तब आरोपी ने रकम वापस देने से इनकार कर दिया तथा जान से मारने की धमकी भी दी। इसके बाद महिला ने भिलाई नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
मामले की जांच के दौरान पुलिस को आरोपी के इंदौर में छिपे होने की सूचना मिली। स्थानीय पुलिस की सहायता से उसे गिरफ्तार कर भिलाई लाया गया। पुलिस ने उसके पास से बैंक खातों से जुड़ा मोबाइल फोन और आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं। अधिकारियों के अनुसार अब उसके बैंक खातों, वित्तीय लेनदेन, प्राप्त रकम के उपयोग और इस पूरे मामले में शामिल अन्य संभावित लोगों की भूमिका की भी विस्तार से जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पहले बिलासपुर के उसलापुर क्षेत्र में रहता था और बाद में इंदौर के गांधी नगर इलाके में रहने लगा था। पुलिस का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर इस ठगी से जुड़े और भी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।

