जबलपुर के बरगी डैम हादसे को लेकर हाई कोर्ट ने सख्त रुख अख्तियार किया है. जबलपुर हाई कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए डैम हादसे में क्रूज के पायलट और स्टाफ पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है. कोर्ट ने कहा कि क्रूज का पायलट लोगों को डूबता छोड़कर भाग गया था. इसके साथ ही कोर्ट ने मामले में 2 दिनों में रिपोर्ट मांगी है.
‘FIR नहीं हुई तो भविष्य में भी ऐसी घटनाएं हो सकती हैं’
कोर्ट ने कहा कि ये गंभीर लापरवाही का मामला लगता है. इस लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है. क्रूज के पायलट परिस्थितियों से वाकिफ था लेकिन उसने क्रूज सवार यात्रियों को छोड़कर अपनी जा बचाई. लोगों को डूबता छोड़कर वह भाग गया. भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 106 और 110 के तहत यह अपराध है. अगर अभी कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में नाव और क्रू चालक ऐसा ही करते रहेंगे. इसके साथ ही कोर्ट ने क्रूज यात्रियों की जान बचाने वाले लोगों की तारीफ भी की है. कोर्ट ने बरगी थाना प्रभारी से दो दिनों में कार्रवाई करते हुए मामले में रिपोर्ट मांगी है.
प्रशासन की कार्रवाई पर फिर सवाल
हादसे के बाद जिला प्रशासन ने क्रूज के अलग-अलग हिस्से करके उन्हें सील कर दिया है. प्रशासन का कहना है क्रूज के अवशेषों के आधार पर आगे की जांच की जाएगी.
वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे जांच नहीं होगी बल्कि सबूतों से छेड़छाड़ करने के लिए जल्दबाजी में क्रूज को कई टुकड़ों में काटा गया है. ऐसा करने के पीछे का मकसद क्रूज में अव्यवस्थाओं को छिपाना है.
38 लाख की मरम्मत हुई, फिर भी इंजन बंद हुआ
क्रूज को 20 साल पहले खरीदा गया था. इसके बाद साल 2024 में इसकी मरम्मत के लिए 38 लाख रुपये भी खर्च किए गए थे. लेकिन इसके बावजूद क्रूज में इंजन फेल हो गया. जबकि जानकारों का कहना है कि मरम्मत के बाद लगभग 10 साल तक क्रूज की लाइफ बढ़ जाती है.