तमिलनाडु में सोना और सिलेंडर का जादू? TVK के विजय की जीत की क्‍या है असली वजह

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तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के नतीजे हर किसी के लिए चौंकाने वाले रहे हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि यहां चुनाव से महज 6 महीने पहले बनी  एक्टर विजय की पार्टी टीवीके प्रचंड जीत की तरफ बढ़ रही है. खासतौर पर इस चुनाव में मौजूदा मुख्यमंत्री एम के स्‍टाल‍िन को बड़ा झटका लगा है, उनकी पार्टी इस चुनाव में कोई खास प्रदर्शन नहीं कर पाई है. टीवीके की जीत के पीछे के कई कारण हैं, ऐसे में हम आज जीत की कुछ खास वजहें जानने की कोशिश करेंगे.

तमिलनाडु में इस बार कुल 5.73 करोड़ से अधिक मतदाताओं ने अपनी नई सरकार को चुना था. चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में इस बार रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया था. कुल मतदान 84.69 प्रतिशत हुआ था. वोटिंग प्रतिशत के लिहाज से यह तमिलनाडु के चुनावी इतिहास का सबसे बड़ा मतदान माना जा रहा था.

जनता को भा गए डॉक्टर व‍िजय के वादे

चुनावी मैदान में उतरते हुए विजय ने जनता को लुभाने के लिए कई बड़े ऐलान किए थे. उनके घोषणापत्र में खास तौर पर महिलाओं, युवाओं और गरीब वर्ग को ध्यान में रखते हुए योजनाएं शामिल थीं.

विजय ने चुनाव में उतरते हुए वादा किया था कि हर उनकी सरकार बनती है तो राज्य में शादी के समय हर लड़की को सरकार की ओर से 8 ग्राम सोना दिया जाएगा. इसके साथ ही दुल्हनों को एक रेशमी साड़ी भी उपहार के तौर पर देने की बात कही थी.

महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए हर महीने 2500 रुपये की सहायता राशि देने का वादा किया था. वहीं बुजुर्गों और दिव्यांगजनों की पेंशन बढ़ाकर 3000 रुपये प्रतिमाह करने की बात कही गई थी.

व‍िजय ने जनता से वादा किया था कि भूमिहीन लोगों को राहत देने के लिए पार्टी ने मुफ्त में जमीन का पट्टा भी देगी. इसके तहत सरकारी जमीन पर गरीब परिवारों को मालिकाना हक दिलाने की बात कही गई थी.

– घरेलू खर्च कम करने के लिए हर परिवार को 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली और साल में 6 गैस सिलेंडर देने का वादा भी व‍िजय ने किया था. साथ ही महिलाओं को 5 लाख रुपये तक का बिना ब्याज का लोन उपलब्ध कराने की योजना भी पेश की गई. यही वो वादा खास माना जा रहा है जिसके कारण विजय को इस तरह के नतीजे मिले हैं.

युवाओं को ध्यान में रखते हुए ग्रेजुएट बेरोजगारों को हर महीने 4000 रुपये की सहायता देने की घोषणा की गई थी. इसके अलावा 5 लाख लोगों को इंटर्नशिप के अवसर और अगले पांच साल में 5 लाख सरकारी नौकरियां देने का वादा भी किया गया था. इसके साथ ही 25 लाख लोगों को लोन उपलब्ध कराने की बात कही गई.