महाशिवरात्रि पर बागेश्वर धाम में 305 जोड़ों का सामूहिक ब्राह्म विवाह: सातवें आयोजन में 9 देशों के राजदूत मौजूद, 30-30 जोड़ों को मंच पर बुलाकर हुई वरमाला

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खजुराहो के समीप स्थित बागेश्वर धाम में महाशिवरात्रि के अवसर पर रविवार को 305 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न हो रहा है। यह लगातार सातवां सामूहिक आयोजन है। समारोह में नौ देशों के राजदूतों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप दिया। वरमाला की प्रक्रिया के दौरान दूल्हा-दुल्हन को 30-30 की संख्या में मंच पर आमंत्रित किया गया।

दूल्हा-दुल्हन से मिले धीरेंद्र शास्त्री, भावुक हुए जोड़े

कार्यक्रम से पहले पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने सभी दूल्हा-दुल्हनों से मुलाकात की। इस दौरान कई जोड़े भावुक नजर आए। एक दूल्हा उनके चरणों में झुक गया और आशीर्वाद लिया। एक अन्य जोड़ा गले लगकर रो पड़ा। शास्त्री उन्हें ढांढस बंधाते और आशीर्वाद देते दिखाई दिए।

समारोह में जगद्गुरु रामभद्राचार्य भी शामिल हुए। उन्होंने मंच से कहा कि वे विशेष रूप से इस आयोजन के लिए आए हैं। कार्यक्रम के दौरान पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने मंच पर ही जगद्गुरु रामभद्राचार्य की चरण वंदना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। साथ ही उन्होंने बताया कि 29 जून से 13 जनवरी तक वे एकांतवास में रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि संभवतः अगले वर्ष वे धीरेंद्र शास्त्री के विवाह में शामिल होने आएंगे।

नेपाली जोड़े की दोहरी परंपरा से शादी

इस सामूहिक आयोजन में एक नेपाली जोड़ा भी विवाह बंधन में बंध रहा है। विवाह भारतीय और नेपाली दोनों रीति-रिवाजों के अनुसार कराया जा रहा है। दोनों पक्षों के पुजारी अनुष्ठान में शामिल हैं। नेपाली दूल्हा अपने साथ नेपाल से 50 बाराती लेकर आया है और उसने कहा कि दोनों देशों की परंपराओं का पालन किया जाएगा।

संतों और राजनयिकों की उपस्थिति

समारोह में रामभद्राचार्य जी महाराज के साथ इंद्रेश उपाध्याय, अनिरुद्धाचार्य और हनुमानगढ़ी के राजूदास महाराज सहित अन्य संत भी मौजूद हैं।

कार्यक्रम में अर्जेंटीना, चिली, पेरू, उरुग्वे, इक्वाडोर, कोलंबिया, पनामा, भारत और दक्षिण अफ्रीका के राजदूतों की भागीदारी रही।

सामूहिक विवाह में उपस्थित नौ देशों के राजदूतों में उरुग्वे के अल्बर्टो एंटोनियो गुआनी अमरिला, अर्जेंटीना के मारियानो अगस्टिन कजिनो, पैराग्वे के फ्लेमिंग राउल डुआर्टे रामोस, इक्वाडोर के फर्नांडो एक्स. बुचेली वर्गास, चिली की वर्जीनिया पेट्रीसिया एन व्रीस, पेरू के जेवियर मैनुअल पॉलिनिच वेलार्डे, अल साल्वाडोर के गुइलेर्मो रुबियो फ्यूनेस, पनामा के अलोंसो कोरेया मिगुएल और सूरीनाम की सुनैना परीक्षा रागनीदेवी मोहन शामिल हैं। सभी राजदूत मंच पर मौजूद रहे।

‘शादी’ शब्द पर आपत्ति, ब्राह्म विवाह पर जोर

मंच संचालन के दौरान ‘शादी’ शब्द के प्रयोग पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने आपत्ति जताई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यहां सामान्य विवाह नहीं, बल्कि ‘ब्राह्म विवाह’ हो रहा है। उन्होंने मनुस्मृति का उल्लेख करते हुए बताया कि उसमें आठ प्रकार के विवाह वर्णित हैं, जिनमें ब्राह्म विवाह को सर्वोत्तम माना गया है। उन्होंने आग्रह किया कि इसे ‘शादी’ न कहा जाए।