जनतंत्र, मध्यप्रदेश, श्रुति घुरैया:
भिंड के भाजपा विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह का कलेक्टर से विवाद अब तूल पकड़ चुका है। तीन दिन पहले हुए इस घटनाक्रम में विधायक ने न केवल कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव को गाली-गलौज की, बल्कि थप्पड़ मारने के लिए हाथ भी उठाया था। इस मामले को गंभीर मानते हुए भाजपा संगठन ने विधायक को भोपाल बुलाकर कड़ी फटकार लगाई है।
सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार को विधायक कुशवाह को पार्टी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के बुलावे पर संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा के बंगले पर तलब किया गया। यहां प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह की मौजूदगी में बैठक हुई। इस दौरान प्रदेश नेतृत्व ने विधायक के व्यवहार को पार्टी लाइन के विपरीत बताते हुए साफ चेतावनी दी कि भविष्य में इस तरह का आचरण किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं होगा।
विवाद की शुरुआत: कलेक्टर को कहा ‘चोर’, थप्पड़ मारने उठाया हाथ
विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब विधायक कुशवाह जिले में खाद संकट को लेकर कलेक्टर के बंगले के बाहर धरने पर बैठे थे। वे चाहते थे कि कलेक्टर बाहर आकर उनकी बात सुनें, लेकिन जब ऐसा नहीं हुआ तो उनका गुस्सा भड़क गया।
बताया जा रहा है कि कलेक्टर ने साफ कहा था कि “रेत चोरी नहीं चलने दूंगा।” इस पर विधायक आग-बबूला हो गए और कलेक्टर को ही “चोर” कह दिया। इसके बाद उन्होंने गाली-गलौज की और थप्पड़ मारने के लिए हाथ भी उठाया। इस दौरान समर्थक नारेबाजी करते रहे और “भिंड कलेक्टर चोर है” के नारे लगाए।
विधायक ने यहां तक धमकी दी कि – “आज पब्लिक को तुम्हारे घर में घुसेड़ दूंगा।”
कांग्रेस का हमला: “भिंड में रोजाना हो रही है 50 लाख की रेत चोरी”
विवाद के अगले ही दिन कांग्रेस नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने भाजपा सरकार पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भिंड की नदियों में अवैध रेत खनन बड़े पैमाने पर जारी है।
उनका कहना था कि –
-
प्रतिदिन लगभग 50 लाख रुपए की रेत चोरी हो रही है।
-
पिछले दो वर्षों से कोई रेत ठेका नहीं हुआ, इसके बावजूद अवैध सप्लाई लगातार जारी है।
-
इस धंधे में सरकारी अधिकारी, कर्मचारी और भाजपा नेता-खनिज माफिया शामिल हैं।
डॉ. सिंह ने मुख्यमंत्री से अपील की कि अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाई जाए, ताकि प्रदेश के राजस्व की हानि न हो और विकास कार्य प्रभावित न हों।
पूर्व मंत्री राकेश सिंह चतुर्वेदी का तंज: “फर्जी अंकसूची से उपाध्यक्ष बने विधायक”
भाजपा के भीतर भी इस विवाद ने खलबली मचा दी है। पूर्व मंत्री चौधरी राकेश सिंह चतुर्वेदी ने विधायक कुशवाह पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि –
-
विधायक ने फर्जी अंकसूची लगाकर यूनिवर्सिटी का उपाध्यक्ष पद हासिल किया था।
-
हाथ टूटा होने के बावजूद वह परीक्षा में बैठे और बाद में उपाध्यक्ष बनाए गए।
-
उन्हें यह पद दिलाने में खुद चतुर्वेदी की भूमिका रही थी, लेकिन अब वह इसे अपनी गलती मानते हैं।
चतुर्वेदी ने आगे कहा कि विधायक ने भिंड के लिए कोई ठोस विकास कार्य नहीं किया, जबकि उनके (चतुर्वेदी) कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की गईं। पूर्व मंत्री ने यह भी कहा कि विधायक का धरना खाद संकट के मुद्दे पर था, लेकिन असल में विवाद की जड़ रेत चोरी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि – “अगर सचमुच खाद की कमी है तो विधायक को मुख्यमंत्री या प्रभारी मंत्री से बात करनी चाहिए, न कि कलेक्टर से उलझना चाहिए।”
चतुर्वेदी ने आरोप लगाया कि रेत खदानों का ऑक्शन न होने की वजह से अवैध खनन बढ़ा है और इसमें भाजपा नेताओं की संलिप्तता है। उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई का समर्थन किया और कहा कि रेत माफियाओं पर लगाम कसना जरूरी है।
जब चतुर्वेदी से पूछा गया कि विधायक समर्थकों ने आपके बयान के बाद आपका पुतला जलाया, तो उन्होंने हंसते हुए जवाब दिया – “हां, पुतला जलाया गया। मैं मानता हूं कि पुतला जलाने से उम्र बढ़ती है। इससे साबित होता है कि मेरी बात उन्हें चुभ गई है।”