झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी मांगों को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्र 20वें दिन भी धरने पर बैठे हैं। आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि उनकी मांगों पर अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। छात्रों ने साफ किया है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
आंदोलन में शामिल छह छात्र अभी भी भूख हड़ताल पर हैं। छात्रों का कहना है कि JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने और पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग को लेकर वे लगातार सरकार का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों के मुताबिक, यह आंदोलन केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया और विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ा बड़ा मुद्दा है।
आंदोलन कर रहे छात्रों ने अब मुख्यमंत्री से सीधे बातचीत की मांग की है। छात्र नेता रविंद्र ने कहा कि विद्यार्थी राजनीति नहीं करना चाहते, बल्कि अपनी समस्याओं और मांगों को सरकार के सामने रखना चाहते हैं। छात्रों का कहना है कि यदि मुख्यमंत्री उनसे सीधे बातचीत करते हैं, तो वे अपनी मांगों और उनसे जुड़े तर्क विस्तार से उनके सामने रख सकते हैं।
इसी बीच छात्रों ने 16 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की तैयारी की बात कही है। छात्र राधे कुमार के मुताबिक, आंदोलन को 20 दिन हो चुके हैं, लेकिन सरकार की ओर से उनकी मांगों पर अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिली है। छात्रों का कहना है कि स्वतंत्रता दिवस के बाद वे अपनी मांगों को लेकर आंदोलन को और आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं।
छात्रों के मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने की संभावित योजना को देखते हुए रांची में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने वाले कांके रोड पर कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है। बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था में जिला पुलिस के साथ अन्य बलों के जवान भी लगाए गए हैं।
दूसरी ओर, विधानसभा घेराव के दौरान हुए हंगामे के मामले में 500 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। यह कार्रवाई विधानसभा थाना क्षेत्र में दर्ज की गई है। आंदोलनकारी छात्रों के बीच FIR को लेकर भी नाराजगी है। छात्रों का कहना है कि उनके आंदोलन को दबाने के बजाय सरकार को उनकी मांगों पर बातचीत करनी चाहिए।
आंदोलनकारी छात्रों ने छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो को लेकर भी चिंता जताई है। उनकी टीम का दावा है कि विधानसभा घेराव के दौरान हुए हंगामे में देवेंद्रनाथ महतो घायल हुए थे और इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। टीम के सदस्यों ने आरोप लगाया कि उन्हें उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही है और उनकी स्वास्थ्य स्थिति की पूरी जानकारी भी नहीं मिल पा रही है।
छात्रों की टीम ने सरकार से देवेंद्रनाथ महतो की स्वास्थ्य स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि वह अस्पताल में इलाज करा रहे हैं, तो उनके स्वास्थ्य से संबंधित जानकारी उनके साथियों और परिवार को मिलनी चाहिए। छात्रों ने यह भी मांग की है कि घायल आंदोलनकारियों की स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
इस बीच झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास भी छात्रों से मिलने धरनास्थल पहुंचे। उन्होंने छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर पूरे मामले की CBI जांच का आदेश नहीं दिया गया, तो वह भगवान बिरसा मुंडा के नाम पर अनशन शुरू करेंगे। उन्होंने आंदोलन के दौरान प्रशासन द्वारा अपनाए जा रहे दबाव के तरीकों की भी आलोचना की।
झारखंड के छात्रों के समर्थन में राज्य के बाहर भी आवाज उठने लगी है। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के छात्रों ने झारखंड में प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों के समर्थन में एक दिवसीय उपवास किया। उन्होंने आंदोलनकारी छात्रों पर हुई कार्रवाई की निंदा करते हुए सरकार से छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की।
छात्रों का कहना है कि जब तक JSSC-CGL परीक्षा को लेकर उनकी मांगों पर निर्णय नहीं लिया जाता और मामले की जांच को लेकर स्पष्ट कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। फिलहाल रांची में धरना जारी है, जबकि मुख्यमंत्री आवास की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और कांके रोड पर बैरिकेडिंग की गई है। 16 अगस्त को प्रस्तावित मुख्यमंत्री आवास घेराव को लेकर अब प्रशासन और आंदोलनकारी छात्रों के बीच टकराव की स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है।

