प्रधानमंत्री ने बुधवार को पूर्व राष्ट्रपति की बायोग्राफी ट्रायम्फ ऑफ द इंडियन रिपब्लिक: माय लाइफ, माय स्ट्रगल्स लॉन्च की। इस दौरान उन्होंने युवाओं से दूसरों के संघर्षों और अनुभवों से सीखने की अपील की।
उन्होंने कहा कि आज का दौर रील्स और सोशल मीडिया का है। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर लोगों को अलग-अलग दिशाओं में ले जाते हैं, लेकिन युवाओं को जीवन में आगे बढ़ने के लिए शॉर्टकट का रास्ता नहीं अपनाना चाहिए।
उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि उन्हें आत्मकथाएं और जीवन संघर्ष से जुड़ी किताबें पढ़नी चाहिए। ऐसी किताबों से उस दौर को समझने का अवसर मिलता है, जिसे लेखक ने खुद जिया और कठिन परिस्थितियों का सामना किया।
उन्होंने कहा कि संघर्ष और दृढ़ संकल्प किसी भी व्यक्ति को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकलने की ताकत देते हैं। जीवन में आने वाली चुनौतियों से हार मानने के बजाय उनका सामना करने की सोच युवाओं के लिए महत्वपूर्ण है।
पूर्व राष्ट्रपति के जीवन का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद लगातार प्रयास करते रहने से व्यक्ति बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकता है। उनका जीवन संघर्ष और संकल्प की मिसाल है।
उन्होंने कहा कि यह आत्मकथा केवल एक व्यक्ति के जीवन की कहानी नहीं है, बल्कि इसमें देश और लोकतंत्र से जुड़े कई अनुभव भी देखने को मिलते हैं। नई पीढ़ी इन अनुभवों से काफी कुछ सीख सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि देश को भविष्य में ऐसे और युवाओं की जरूरत है, जो परिस्थितियों से हार न मानें और हर चुनौती का सामना दृढ़ संकल्प के साथ करें।
पूर्व राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में अपने शुरुआती जीवन के संघर्षों को याद किया। उन्होंने बताया कि वे उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात के एक गांव से आते हैं और गांव के लोगों से आपसी करुणा, सहयोग और प्रेम की सीख मिली।
उन्होंने अपने बचपन की परिस्थितियों का जिक्र करते हुए बताया कि घर की छत से बारिश का पानी अंदर टपकता था और परिवार को बारिश रुकने का इंतजार करना पड़ता था। उनके अनुसार, ऐसे अनुभवों ने जीवन और संघर्ष को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा कि आज करोड़ों गरीब परिवारों को सरकारी आवास योजनाओं के माध्यम से पक्की छत मिली है। इससे उन्हें सुरक्षित और सम्मान के साथ रहने का अवसर मिला है। उन्होंने अपने जीवन के अनुभवों को देश के विकास और बदलाव से भी जोड़ा।

