अयोध्या राम मंदिर के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) की नियुक्ति के लिए इंटरव्यू प्रक्रिया शुरू हो गई है। चार दिन तक चलने वाले इस इंटरव्यू के लिए 18 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट कर बुलाया गया है।
इंटरव्यू के पहले दिन पूर्व IPS अधिकारी राजेश पांडेय और अयोध्या के पूर्व डीएम योगेश्वर राम मिश्रा उम्मीदवारों के तौर पर पहुंचे। सूत्रों के मुताबिक, प्रत्येक उम्मीदवार से करीब 1 से 2 घंटे तक बातचीत की जा रही है।
इंटरव्यू में उम्मीदवारों के प्रशासनिक अनुभव के साथ-साथ उनके व्यक्तिगत और धार्मिक पक्ष से जुड़े सवाल भी पूछे जा रहे हैं। उनसे यह जानने की कोशिश की जा रही है कि उन्होंने किन-किन जगहों पर काम किया है और भगवान राम के प्रति उनकी आस्था कितनी है।
CEO पद के लिए 5300 से ज्यादा लोगों ने आवेदन किया था। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद उम्मीदवारों की स्क्रूटनी की गई और इनमें से केवल 18 उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए योग्य पाया गया।
इन 18 उम्मीदवारों में से फिलहाल केवल पूर्व IPS अधिकारी राजेश पांडेय और अयोध्या के पूर्व डीएम योगेश्वर राम मिश्रा के नाम सामने आए हैं। बाकी 16 उम्मीदवारों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
इंटरव्यू लेने वाली टीम में रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली, पूर्व वैज्ञानिक डॉ. सुरेश हावड़े और रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी शामिल हैं। यह टीम 18 उम्मीदवारों में से तीन नामों का चयन करेगी।
इसके बाद चुने गए तीन उम्मीदवारों का श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से इंटरव्यू लिया जाएगा। इन तीन नामों में से एक उम्मीदवार को राम मंदिर के CEO पद के लिए अंतिम रूप से चुना जाएगा।
CEO पद के लिए आवेदन 13 से 18 जुलाई के बीच मांगे गए थे। आवेदकों से ऑनलाइन गूगल फॉर्म के जरिए 34 सवालों के जवाब लिए गए थे। इन्हीं जवाबों के आधार पर 5300 से ज्यादा आवेदनों की स्क्रूटनी की गई और 18 उम्मीदवारों को आगे की प्रक्रिया के लिए चुना गया।
इस पद के लिए आवेदक की उम्र 50 से 70 वर्ष के बीच होना जरूरी थी। CEO की नियुक्ति शुरुआती तीन साल के लिए की जानी है। प्रदर्शन के आधार पर कार्यकाल को आगे बढ़ाया जा सकता है। इसके अलावा सामान्य प्रशासन, वित्त-लेखा, मानव संसाधन, जनसंपर्क, सूचना प्रौद्योगिकी, सुरक्षा और कानून जैसे क्षेत्रों में कम से कम 20 साल का अनुभव भी जरूरी था।
आवेदन फॉर्म में उम्मीदवारों से उनकी शैक्षणिक योग्यता, नौकरी या रिटायरमेंट, पिछली संस्था और कर्मचारियों के नेतृत्व से जुड़ी जानकारी मांगी गई थी। सामाजिक या धार्मिक संगठन, मठ या मंदिर से जुड़े अनुभव के बारे में भी सवाल किए गए थे। इसके अलावा राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के लिए उम्मीदवार का विजन, कार्ययोजना और सुझाव भी मांगे गए थे।

