एक वायुसेना अधिकारी पर संवेदनशील सैन्य जानकारी साझा करने के गंभीर आरोप लगे हैं। मामले की जांच के बाद अधिकारी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में आई एक महिला की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
जांच के मुताबिक, महिला ने कथित तौर पर अधिकारी से सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क किया था। बातचीत आगे बढ़ने के बाद दोनों के बीच वीडियो कॉल और डिजिटल माध्यमों से संपर्क होने की बात सामने आई है।
पुलिस को आशंका है कि इसी संपर्क का इस्तेमाल अधिकारी से महत्वपूर्ण जानकारी हासिल करने के लिए किया गया। मामले को हनीट्रैप से जोड़कर भी जांच की जा रही है।
आरोप है कि अधिकारी ने बातचीत के दौरान ऐसी सैन्य जानकारियां साझा कीं, जिन्हें सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। इन जानकारियों के साझा किए जाने की परिस्थितियों की भी जांच की गई है।
मामले में अधिकारी के खिलाफ आधिकारिक गोपनीयता से जुड़े कानून के तहत केस दर्ज किया गया था। इसके बाद जांच एजेंसियों ने उपलब्ध डिजिटल और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल शुरू की।
पुलिस के अनुसार, अधिकारी की गिरफ्तारी 30 मई को की गई थी। गिरफ्तारी के बाद मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच आगे बढ़ाई गई।
जांच के दौरान महिला के संपर्क और उसकी गतिविधियों को लेकर भी जानकारी जुटाई गई। पुलिस को संदेह है कि महिला का संबंध पाकिस्तान स्थित खुफिया तंत्र से हो सकता है।
जांच एजेंसियों ने डिजिटल बातचीत और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को भी मामले का हिस्सा बनाया है। अधिकारी और महिला के बीच हुए संपर्क की प्रकृति को समझने का प्रयास किया गया।
जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने 30 जुलाई को अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी। अब मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया अदालत के समक्ष चलेगी।
पूरे मामले में संवेदनशील सैन्य जानकारी के कथित रूप से साझा किए जाने और सोशल मीडिया के जरिए संपर्क स्थापित करने की भूमिका प्रमुख बिंदु बनी हुई है। जांच से जुड़े अन्य तथ्यों पर भी कानूनी प्रक्रिया के दौरान स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

