पेपर लीक विवाद पर नड्डा का राहुल गांधी को जवाब: बोले- कांग्रेस शासन के मामलों पर भी चर्चा हो, सदन में हर मुद्दे पर बात को तैयार

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केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों पर पलटवार किया है। दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए नड्डा ने कहा कि राहुल गांधी को सिर्फ भाजपा शासित राज्यों में होने वाली घटनाएं दिखाई देती हैं, जबकि कांग्रेस और विपक्षी दलों की सरकारों में हुए पेपर लीक मामलों पर वह चुप रहते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि राहुल गांधी इस मुद्दे पर चयनात्मक राजनीति क्यों कर रहे हैं।

नड्डा ने कहा कि पेपर लीक जैसी समस्या पूरे देश से जुड़ा गंभीर विषय है और इसका राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले में चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है और संसद में इस मुद्दे पर विस्तार से बातचीत होनी चाहिए। नड्डा ने विपक्ष से अपील की कि वह आरोप-प्रत्यारोप के बजाय समाधान पर चर्चा करे, ताकि छात्रों के हित में ठोस कदम उठाए जा सकें।

राहुल गांधी ने इससे पहले नीट पेपर लीक और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि पिछले 10 सालों में देश में 152 से ज्यादा पेपर लीक हुए हैं, जिससे करोड़ों छात्रों और उनके परिवारों को नुकसान पहुंचा है। राहुल ने कहा कि पेपर लीक करने वालों के खिलाफ अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

राहुल गांधी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में छात्रों के प्रदर्शन से जुड़े वीडियो और आंकड़े दिखाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने बल प्रयोग किया और उनकी आवाज दबाने की कोशिश की गई। राहुल ने कहा कि नीट विवाद से लाखों छात्रों का भरोसा टूटा है और सरकार को इस मामले में जिम्मेदारी तय करनी चाहिए।

कांग्रेस नेता ने पेपर लीक मामले को लेकर तीन प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की, छात्रों पर कार्रवाई करने वालों के खिलाफ कदम उठाने की बात कही और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों से माफी मांगने की मांग की। राहुल गांधी ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार को गंभीर कदम उठाने होंगे।

राहुल गांधी ने दावा किया कि नीट परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्र कई वर्षों तक मेहनत करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाओं से उनकी मेहनत प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि गरीब और मध्यम वर्ग के छात्रों के लिए ऐसी घटनाएं सबसे बड़ी परेशानी बनती हैं, क्योंकि उनके पास दोबारा तैयारी करने के सीमित अवसर होते हैं।

जेपी नड्डा ने राहुल गांधी के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि अगर पेपर लीक पर चर्चा करनी है तो संसद सबसे उचित मंच है। उन्होंने कहा कि सरकार इस विषय पर घंटों चर्चा के लिए तैयार है और विपक्ष समय तय कर सकता है। नड्डा ने कहा कि छात्रों का भविष्य सभी के लिए महत्वपूर्ण है और इस समस्या का स्थायी समाधान मिलकर निकालना चाहिए।

नड्डा ने कांग्रेस सरकारों के कार्यकाल में हुए कथित पेपर लीक मामलों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कई राज्यों में अलग-अलग समय पर पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं, लेकिन राहुल गांधी उन मामलों को नहीं उठाते। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह इस मुद्दे को केवल राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है।

पेपर लीक विवाद को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। जहां कांग्रेस सरकार से जवाबदेही और कार्रवाई की मांग कर रही है, वहीं भाजपा विपक्ष से सभी राज्यों और सरकारों के मामलों पर समान रूप से चर्चा करने की बात कह रही है। दोनों पक्षों के बीच अब यह मुद्दा संसद में चर्चा का विषय बनने की संभावना है।

इस पूरे विवाद के बीच छात्रों से जुड़े मुद्दे, परीक्षा व्यवस्था में सुधार और पेपर लीक रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाने की मांग लगातार उठ रही है। सरकार और विपक्ष दोनों की जिम्मेदारी है कि राजनीतिक बहस से आगे बढ़कर ऐसी व्यवस्था तैयार की जाए जिससे भविष्य में छात्रों को इस तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े।