महाराष्ट्र में किसान कर्जमाफी योजना को लेकर राज्य सरकार द्वारा किए गए संशोधनों का राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने योजना की कुछ महत्वपूर्ण शर्तों में बदलाव कर किसानों के हित में बड़ा निर्णय लिया है। पवार के अनुसार यदि इन शर्तों को बरकरार रखा जाता, तो बड़ी संख्या में किसान योजना के लाभ से वंचित रह जाते और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता।
शरद पवार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने किसानों की समस्याओं और उनकी मांगों को गंभीरता से समझा। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं, मौसम की मार और कृषि उपज के घटते दामों के कारण पहले से ही किसान आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। ऐसे समय में कर्जमाफी योजना को अधिक प्रभावी और व्यापक बनाना जरूरी था ताकि ज्यादा से ज्यादा पात्र किसानों को इसका लाभ मिल सके।
उन्होंने बताया कि योजना के शुरुआती स्वरूप में कुछ ऐसी शर्तें शामिल थीं, जिनकी वजह से बड़ी संख्या में किसान सहायता से बाहर हो सकते थे। पहले वर्ष 2019 की महात्मा ज्योतिराव फुले किसान कर्जमाफी योजना का लाभ लेने वाले किसानों के लिए राहत राशि की सीमा तय थी। इसके अलावा नियमित रूप से ऋण चुकाने वाले किसानों के लिए आगामी फसल ऋण से संबंधित अतिरिक्त शर्तें भी लागू की गई थीं, जिससे कई पात्र किसानों को योजना का लाभ मिलने में कठिनाई हो सकती थी।
पवार ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा इन शर्तों को हटाने का फैसला किसानों के हित में एक सकारात्मक कदम है। उनका मानना है कि इससे लाखों किसानों को राहत मिलेगी और अधिक पात्र परिवार कर्जमाफी योजना का लाभ उठा सकेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार भविष्य में भी किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और कृषि क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए इसी तरह व्यावहारिक और जनहितकारी फैसले लेती रहेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि कृषि क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसानों को समय पर आर्थिक सहायता मिलना बेहद आवश्यक है। सरकार द्वारा किए गए ताजा संशोधन न केवल कर्जमाफी योजना को अधिक प्रभावी बनाएंगे, बल्कि किसानों का भरोसा भी मजबूत करेंगे। पवार ने इस फैसले को किसानों की भावनाओं के अनुरूप बताते हुए कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की संभावना है।

