देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2027 को लेकर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) बड़े बदलावों की तैयारी में जुटी है। नई व्यवस्था के तहत परीक्षा पहली बार पूरी तरह कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही परीक्षा को एक ही दिन कराने की बजाय कई शिफ्टों और लगभग छह दिनों में पूरा करने की योजना बनाई जा रही है।
अब तक NEET-UG का आयोजन पारंपरिक पेन-पेपर मोड में किया जाता था, लेकिन नई प्रणाली लागू होने के बाद अभ्यर्थियों को निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर कंप्यूटर के माध्यम से परीक्षा देनी होगी। यह बदलाव परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, देशभर में 1000 से अधिक आधुनिक परीक्षा केंद्र तैयार किए जाएंगे ताकि लाखों अभ्यर्थियों को अलग-अलग दिनों और शिफ्टों में परीक्षा दिलाई जा सके। इससे एक ही दिन सभी उम्मीदवारों की परीक्षा कराने का दबाव कम होगा और परीक्षा संचालन भी अधिक व्यवस्थित तरीके से हो सकेगा।
हर वर्ष NEET-UG में करीब 25 लाख अभ्यर्थी हिस्सा लेते हैं। इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए NTA अब ऐसी व्यवस्था विकसित कर रहा है जिसमें परीक्षा का संचालन सुचारु रूप से किया जा सके और तकनीकी संसाधनों का बेहतर उपयोग हो। CBT मोड लागू होने से परीक्षा केंद्रों पर निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था भी पहले की तुलना में अधिक प्रभावी होगी।
नई योजना के तहत परीक्षा का प्रारूप इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा JEE की तर्ज पर तैयार किया जा सकता है। उम्मीदवारों को अलग-अलग दिन और अलग-अलग शिफ्ट में परीक्षा देने का अवसर मिलेगा। इसके बाद सभी शिफ्टों के अंकों का वैज्ञानिक तरीके से मूल्यांकन कर अंतिम परिणाम तैयार किया जाएगा, जिससे सभी अभ्यर्थियों के लिए समान अवसर सुनिश्चित किए जा सकें।
इस बदलाव का सबसे बड़ा उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना और भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना को कम करना है। डिजिटल माध्यम अपनाने से प्रश्नपत्रों की सुरक्षा मजबूत होगी और परीक्षा संचालन के प्रत्येक चरण की बेहतर निगरानी संभव हो सकेगी।
मेडिकल कॉलेजों में MBBS के अलावा BDS, आयुर्वेद, यूनानी और सिद्ध चिकित्सा जैसे स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश भी NEET-UG के अंकों के आधार पर ही होता है। ऐसे में परीक्षा प्रणाली में किया जा रहा यह बदलाव देशभर के लाखों छात्रों और चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पिछले कुछ वर्षों में परीक्षा की सुरक्षा और निष्पक्षता को लेकर उठे सवालों के बाद केंद्र सरकार और संबंधित मंत्रालयों ने परीक्षा सुधारों की प्रक्रिया को तेज किया। इसी दिशा में आधुनिक तकनीक आधारित परीक्षा प्रणाली को अपनाने का निर्णय लिया गया, ताकि भविष्य में परीक्षा प्रक्रिया अधिक भरोसेमंद और पारदर्शी बन सके।
परीक्षा के लिए बनाए जाने वाले नए केंद्रों में आधुनिक कंप्यूटर लैब, सुरक्षित नेटवर्क, बायोमेट्रिक सत्यापन और डिजिटल निगरानी जैसी सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे परीक्षा के दौरान तकनीकी और सुरक्षा संबंधी मानकों को और अधिक मजबूत किया जा सकेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि CBT प्रणाली लागू होने से परीक्षा परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया भी पहले की तुलना में अधिक तेज और सटीक हो सकती है। साथ ही परीक्षा संचालन में पारदर्शिता बढ़ने से छात्रों का भरोसा भी मजबूत होगा।
फिलहाल NTA नई परीक्षा व्यवस्था के अंतिम प्रारूप पर काम कर रहा है। सभी तैयारियां पूरी होने के बाद विस्तृत दिशा-निर्देश, परीक्षा कार्यक्रम, शिफ्टों की संख्या, परीक्षा केंद्रों की सूची और अन्य आवश्यक जानकारी आधिकारिक अधिसूचना के माध्यम से जारी की जाएगी। NEET-UG 2027 में प्रस्तावित यह बदलाव देश की मेडिकल प्रवेश परीक्षा प्रणाली में अब तक के सबसे बड़े सुधारों में से एक माना जा रहा है।