मध्य प्रदेश क्रिकेट में एक नया और बड़ा बदलाव देखने को मिलने जा रहा है। 31 मार्च को इंदौर में पहली बार मध्य प्रदेश क्रिकेट लीग (MPCL) के लिए खिलाड़ियों की नीलामी आयोजित होगी, जो पूरी तरह आईपीएल के फॉर्मेट पर आधारित रहेगी। इस प्रक्रिया में फ्रेंचाइजी टीमें खुली बोली लगाकर अपने पसंदीदा खिलाड़ियों को खरीदेंगी। माना जा रहा है कि इस बार नीलामी में खिलाड़ियों पर अच्छी-खासी रकम खर्च होगी, जिससे प्रदेश के क्रिकेटरों को आर्थिक रूप से भी बड़ा फायदा मिलेगा और उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए बेहतर मंच मिलेगा।
इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में दोपहर 3 बजे से शुरू होने वाली इस नीलामी में कई चर्चित और उभरते खिलाड़ी शामिल होंगे। तेज गेंदबाज आवेश खान, कुलदीप सेन, बल्लेबाज आशुतोष शर्मा और अनिकेत वर्मा जैसे नाम टीमों की पहली पसंद बन सकते हैं। वहीं वेंकटेश अय्यर और रजत पाटीदार को उनकी-उनकी टीमों ने पहले ही रिटेन कर लिया है, जिसमें अय्यर को 12.5 लाख और पाटीदार को 7 लाख रुपए में टीम में बरकरार रखा गया है। लीग का आयोजन आईपीएल के समापन के बाद किया जाएगा।
मध्य प्रदेश लीग के पिछले संस्करणों ने पहले ही अपनी उपयोगिता साबित कर दी है। यहां से निकलकर कई खिलाड़ी आईपीएल तक पहुंचे और वहां अपनी पहचान बनाई। यही वजह है कि अब दूसरे राज्यों में खेल रहे खिलाड़ी भी इस लीग का हिस्सा बनने के लिए वापस मध्य प्रदेश लौट रहे हैं। अजय रोहेरा, पुनीत दाते और आनंद सिंह बैस जैसे खिलाड़ी, जो पहले पुडुचेरी के लिए खेल रहे थे, अब फिर से एमपी लीग में खेलने के लिए उपलब्ध होंगे।
इस बार लीग का दायरा भी बढ़ाया गया है। पहले जहां 7 टीमें हिस्सा लेती थीं, वहीं अब 10 फ्रेंचाइजी मैदान में उतरेंगी। इससे खिलाड़ियों के लिए अवसर भी बढ़ेंगे और मुकाबला भी ज्यादा प्रतिस्पर्धी होगा। खास बात यह है कि 19 साल से कम उम्र के खिलाड़ियों को इस लीग में शामिल नहीं किया जाएगा। यह निर्णय बीसीसीआई की गाइडलाइन के अनुसार लिया गया है, ताकि युवा खिलाड़ी पहले लंबे फॉर्मेट में खुद को मजबूत कर सकें।
नीलामी में सबसे ज्यादा नजरें आवेश खान पर रहेंगी, जिन्हें किसी भी टीम ने रिटेन नहीं किया है। इसके अलावा आईपीएल में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से चर्चा में आए अनिकेत वर्मा और ऑलराउंडर माधव तिवारी भी फ्रेंचाइजियों की लिस्ट में ऊपर रहेंगे। टीमों की नजर जेएन भाया ट्रॉफी जैसे टूर्नामेंट्स में प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों पर भी रहेगी, जिससे नए टैलेंट को मौका मिलने की उम्मीद है।
मध्य प्रदेश के खिलाड़ियों की बात करें तो इस साल आईपीएल में भी राज्य के 10 से ज्यादा खिलाड़ी अलग-अलग टीमों का हिस्सा हैं, जो इस लीग की गुणवत्ता और प्रतिभा का प्रमाण है। ऐसे में यह नई नीलामी प्रणाली न सिर्फ खिलाड़ियों के लिए नए दरवाजे खोलेगी, बल्कि मध्य प्रदेश क्रिकेट को राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत पहचान दिलाने में भी अहम भूमिका निभाएगी।