महाराष्ट्र में गुरुवार को अपराध, साइबर फ्रॉड और प्रशासनिक कार्रवाई से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घटनाएं सामने आईं। मुंबई पुलिस की एंटी नारकोटिक्स सेल (ANC) ने राज्य में सक्रिय ड्रग्स नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए शहर के 13 अलग-अलग स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। वहीं दूसरी ओर ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी का मामला भी सामने आया, जिसमें मुंबई के एक वरिष्ठ अधिकारी को 1.42 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा। इसके अलावा सरकार ने अवैध बाइक टैक्सी संचालन को लेकर नई अस्थायी व्यवस्था लागू करने की घोषणा की है और पुणे के पास पिंपरी चिंचवाड़ में हुए भवन हादसे में राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है।
ड्रग्स सिंडिकेट पर मुंबई पुलिस की बड़ी कार्रवाई
मुंबई पुलिस की एंटी नारकोटिक्स सेल ने इस वर्ष मई में उजागर हुए 50.74 करोड़ रुपये के मेफेड्रोन ड्रग्स मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए शहर के 13 अलग-अलग स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई ऐसे नेटवर्क को खत्म करने के उद्देश्य से की गई जो लंबे समय से अवैध मादक पदार्थों के निर्माण और सप्लाई में शामिल होने की आशंका है।
जांच के दौरान सामने आया कि दक्षिण मुंबई के आग्रीपाड़ा इलाके में स्थित एक फ्लैट में गुप्त रूप से मेफेड्रोन तैयार किया जा रहा था। पुलिस ने वहां से भारी मात्रा में तैयार ड्रग्स, हथियार, रसायन और निर्माण में उपयोग होने वाले उपकरण जब्त किए थे। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया और पूरे सप्लाई नेटवर्क की पड़ताल शुरू की गई।
ऑनलाइन मंगाए जाते थे केमिकल, कंपनियां निकलीं फर्जी
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि ड्रग्स तैयार करने के लिए आवश्यक रसायनों को इंटरनेट के माध्यम से मंगाया जाता था। दस्तावेजों में 11 अलग-अलग कंपनियों के नाम सामने आए, लेकिन जब पुलिस ने उनकी जांच की तो सभी कंपनियां और उनके पते फर्जी पाए गए।
इसके बाद एएनसी की 10 विशेष टीमों ने आग्रीपाड़ा, बांद्रा, कोलाबा, पवई, घाटकोपर और अन्य इलाकों में एक साथ तलाशी अभियान चलाया। पुलिस स्थानीय लोगों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फर्जी कंपनियों का संचालन कौन कर रहा था तथा इस पूरे नेटवर्क में किन-किन लोगों की भूमिका रही।
ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 1.42 करोड़ रुपये की ठगी
मुंबई के चेंबूर निवासी एक निजी कंपनी के डिप्टी जनरल मैनेजर साइबर अपराधियों के जाल में फंस गए। आरोपियों ने उन्हें सोना, कच्चा तेल और विदेशी मुद्रा (फॉरेक्स) में निवेश कर भारी मुनाफा कमाने का झांसा दिया।
पीड़ित को व्हाट्सएप के माध्यम से एक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का लिंक भेजा गया, जहां उन्होंने अपना अकाउंट बनाया और निवेश शुरू किया। बाद में उन्हें एक टेलीग्राम चैनल से भी जोड़ा गया, जहां लगातार निवेश बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया।
भरोसा जीतने के लिए लौटाए शुरुआती पैसे
शुरुआत में साइबर ठगों ने पीड़ित द्वारा लगाए गए लगभग 4.25 लाख रुपये वापस कर दिए। इससे उन्हें प्लेटफॉर्म पर भरोसा हो गया और उन्होंने चरणबद्ध तरीके से कुल 1.46 करोड़ रुपये निवेश कर दिए।
ऑनलाइन अकाउंट में लाखों डॉलर का मुनाफा दिखाई देता रहा, जिससे उन्हें किसी प्रकार की धोखाधड़ी का संदेह नहीं हुआ। लेकिन कुछ समय बाद अचानक टेलीग्राम चैनल बंद हो गया और ट्रेडिंग अकाउंट भी निष्क्रिय कर दिया गया। अंततः पीड़ित को केवल शुरुआती राशि ही वापस मिल सकी, जबकि लगभग 1.42 करोड़ रुपये की ठगी हो गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर साइबर अपराधियों की तलाश शुरू कर दी है।
अवैध बाइक टैक्सी संचालन पर सरकार की नई व्यवस्था
महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में बिना अनुमति संचालित हो रही बाइक टैक्सी सेवाओं को नियंत्रित करने के लिए अस्थायी व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। सरकार के अनुसार नई इलेक्ट्रिक बाइक टैक्सी नीति लागू होने तक इन सेवाओं पर प्रतिदिन शुल्क और कल्याण कोष में योगदान अनिवार्य रहेगा।
प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार 1 अगस्त से संबंधित संचालकों को प्रतिदिन 5 रुपये का शुल्क जमा करना होगा, जबकि कल्याण कोष में 2 प्रतिशत योगदान भी देना होगा। सरकार का कहना है कि यह व्यवस्था केवल अंतरिम अवधि के लिए होगी और नई नीति लागू होने के बाद आवश्यक बदलाव किए जाएंगे।
पिंपरी चिंचवाड़ हादसे में राहत अभियान जारी
पुणे के निकट पिंपरी चिंचवाड़ स्थित मोशी कचरा प्रोसेसिंग यूनिट में हुए भीषण हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। भारी कचरे का ढेर गिरने से तीन मंजिला इमारत क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिसके मलबे में कई लोग फंस गए।
घटना के बाद एनडीआरएफ, सेना, पुलिस और दमकल विभाग की संयुक्त टीमें लगातार राहत कार्य में जुटी हुई हैं। अब तक कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जबकि एक व्यक्ति का शव भी बरामद हुआ है। बचाव दल सावधानी के साथ मलबा हटा रहा है क्योंकि इमारत का ढांचा अभी भी अस्थिर बना हुआ है।
प्रशासन की प्राथमिकता—अपराध पर सख्ती और जनसुरक्षा
इन सभी घटनाओं ने एक बार फिर राज्य में संगठित अपराध, साइबर फ्रॉड और सार्वजनिक सुरक्षा जैसे मुद्दों को प्रमुखता से सामने ला दिया है। मुंबई पुलिस ड्रग्स नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है, वहीं साइबर पुलिस ऑनलाइन निवेश के नाम पर होने वाली ठगी के मामलों को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रही है।
दूसरी ओर राज्य सरकार अवैध परिवहन सेवाओं को नियमित करने की दिशा में कदम उठा रही है, जबकि राहत एजेंसियां पिंपरी चिंचवाड़ हादसे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए लगातार अभियान चला रही हैं। आने वाले दिनों में इन सभी मामलों की जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर नजर बनी रहेगी।