दिल्ली सरकार पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आधिकारिक आवास को स्टेट गेस्ट हाउस में बदलने की तैयारी कर रही है। सिविल लाइंस स्थित फ्लैगस्टाफ रोड पर बने इस सरकारी बंगले के उपयोग को लेकर सरकार ने प्रस्ताव तैयार किया है, जिस पर अंतिम मंजूरी मिलने के बाद इसे औपचारिक रूप से राज्य अतिथि गृह के रूप में विकसित किया जाएगा।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस भवन का उपयोग मुख्य रूप से अन्य राज्यों से आने वाले मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों और सरकारी प्रतिनिधिमंडलों के ठहरने के लिए किया जाएगा। इससे सरकारी मेहमानों के लिए बेहतर आवास सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी और सरकारी संसाधनों का प्रभावी उपयोग भी सुनिश्चित होगा।

प्रस्ताव के तहत बंगले में आवश्यक सुविधाओं को और बेहतर बनाया जाएगा। परिसर में पार्किंग, प्रतीक्षालय, सुरक्षा व्यवस्था, बैठक कक्ष तथा अन्य आधारभूत सुविधाएं विकसित करने की योजना बनाई गई है ताकि इसे एक आधुनिक और सुव्यवस्थित स्टेट गेस्ट हाउस के रूप में इस्तेमाल किया जा सके।
बताया जा रहा है कि इस गेस्ट हाउस में ठहरने वाले अधिकारियों और अतिथियों से निर्धारित नियमों के अनुसार शुल्क भी लिया जाएगा। इसका संचालन दिल्ली सरकार के संबंधित विभाग की देखरेख में किया जाएगा और सभी व्यवस्थाएं सरकारी मानकों के अनुरूप होंगी।
फिलहाल यह सरकारी आवास खाली है और इसकी नियमित देखरेख के लिए कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है। भवन की साफ-सफाई, विद्युत उपकरणों का रखरखाव तथा अन्य आवश्यक कार्य नियमित रूप से किए जा रहे हैं ताकि भवन सुरक्षित और उपयोग योग्य स्थिति में बना रहे।

यह वही सरकारी आवास है, जिसके नवीनीकरण को लेकर पहले काफी राजनीतिक और सार्वजनिक चर्चा हुई थी। विपक्षी दलों ने इसके निर्माण और रेनोवेशन पर हुए खर्च को लेकर सवाल उठाए थे, जबकि इस मामले में विभिन्न स्तरों पर जांच भी शुरू की गई थी।
नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट में भी इस आवास के नवीनीकरण पर अनुमानित लागत से अधिक खर्च होने का उल्लेख किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, परियोजना की कुल लागत प्रारंभिक अनुमान की तुलना में काफी बढ़ गई थी, जिसके बाद इस मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर विशेष ध्यान आकर्षित किया।

इसी क्रम में वर्ष 2022 में तत्कालीन उपराज्यपाल के निर्देश पर संबंधित विभागों ने नवीनीकरण प्रक्रिया और खर्च की जांच शुरू की थी। बाद में इस मामले की जांच केंद्रीय एजेंसियों को भी सौंपी गई, जहां विभिन्न दस्तावेजों और प्रक्रियाओं की समीक्षा की जा रही है।
अब दिल्ली सरकार का ध्यान इस भवन को सार्वजनिक उपयोग के लिए पुनः विकसित करने पर है। यदि प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मिल जाती है, तो यह भवन भविष्य में दिल्ली आने वाले सरकारी प्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों के लिए एक महत्वपूर्ण स्टेट गेस्ट हाउस के रूप में कार्य करेगा।

सरकार का मानना है कि खाली पड़े सरकारी भवनों का बेहतर उपयोग किया जाना चाहिए। इसी उद्देश्य से इस आवास को नई भूमिका देने की योजना बनाई गई है, जिससे सरकारी संसाधनों का प्रभावी इस्तेमाल हो सके और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को भी मजबूती मिले।