शोपियां एनकाउंटर में लश्कर का टॉप कमांडर जाकिर अहमद ढेर, 5 दिन के ऑपरेशन के बाद सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी

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जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में सुरक्षाबलों को आतंकवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता मिली है। पांच दिनों तक चले संयुक्त ऑपरेशन के दौरान लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के शीर्ष कमांडर जाकिर अहमद गनी को मार गिराया गया। सुरक्षाबलों ने बुधवार को उसका शव बरामद किया। इस कार्रवाई को दक्षिण कश्मीर में सक्रिय आतंकी नेटवर्क के खिलाफ महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

जानकारी के अनुसार, चनापोरा क्षेत्र में आतंकियों के छिपे होने की विश्वसनीय खुफिया सूचना मिलने के बाद शनिवार शाम से व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया था। इलाके की घेराबंदी कर सुरक्षाबलों ने जंगलों, बागानों और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार तलाशी अभियान चलाया। कई दिनों तक चले अभियान के बाद सुरक्षा बलों को जाकिर अहमद गनी को निष्क्रिय करने में सफलता मिली।

हालांकि ऑपरेशन अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि लश्कर का एक अन्य आतंकी लतीफ भट अब भी इलाके में छिपा हो सकता है। इसी कारण सुरक्षाबल पूरे क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन जारी रखे हुए हैं और संभावित ठिकानों की गहन तलाशी ली जा रही है।

यह संयुक्त अभियान भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG), राष्ट्रीय राइफल्स (RR) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) द्वारा मिलकर चलाया जा रहा है। ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की निगरानी बढ़ा दी और आतंकियों के भागने के सभी संभावित रास्तों पर अतिरिक्त जवान तैनात किए, ताकि किसी भी प्रकार की गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार जाकिर अहमद गनी का नाम उन आतंकियों की सूची में शामिल था, जिन्हें पहलगाम आतंकी हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने चिन्हित किया था। वह दक्षिण कश्मीर क्षेत्र में लश्कर-ए-तैयबा की गतिविधियों को संचालित करने वाले प्रमुख आतंकियों में माना जाता था और लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में था।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक जाकिर अहमद गनी कुलगाम जिले का रहने वाला था और पिछले कुछ वर्षों से दक्षिण कश्मीर तथा पीर पंजाल क्षेत्र में आतंकी गतिविधियों में सक्रिय था। उसके खिलाफ कई मामलों में जांच एजेंसियां पहले से कार्रवाई कर रही थीं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि उसकी मौत से क्षेत्र में सक्रिय आतंकी नेटवर्क को बड़ा झटका लगेगा।

सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि हाल के वर्षों में आतंकवाद के खिलाफ चलाए जा रहे लगातार अभियानों के कारण स्थानीय आतंकी संगठनों की गतिविधियों में कमी आई है। इसी रणनीति के तहत चिन्हित आतंकियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं, जिससे उनके नेटवर्क और लॉजिस्टिक सपोर्ट सिस्टम को कमजोर किया जा सके।

सुरक्षाबलों ने स्पष्ट किया है कि जब तक पूरे इलाके की पूरी तरह तलाशी नहीं हो जाती और सभी संदिग्ध गतिविधियों की पुष्टि नहीं हो जाती, तब तक अभियान जारी रहेगा। सुरक्षा एजेंसियां स्थानीय लोगों से भी सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने की अपील कर रही हैं।

इस ऑपरेशन को जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ चल रहे सुरक्षा अभियानों की एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी आतंकवादी संगठनों के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखी जा सके।