उज्जैन में शिप्रा आरती के दौरान बवाल: पूजन सामग्री बेचने को लेकर महिलाओं और पुजारियों के बीच हुई हाथापाई
उज्जैन के रामघाट पर आयोजित शिप्रा आरती के दौरान रविवार शाम पूजन सामग्री की बिक्री को लेकर महिलाओं और पुजारियों के बीच विवाद हो गया। शुरुआती बहस कुछ ही देर में मारपीट में बदल गई, जिससे घाट पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार विवाद उस समय शुरू हुआ, जब आरती के दौरान घाट पर दीपक और अन्य पूजन सामग्री बेचने को लेकर आपत्ति जताई गई। इस बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई और फिर धक्का-मुक्की शुरू हो गई। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि दोनों ओर से हाथापाई होने लगी। मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।

महिला पक्ष का कहना है कि वे रोज की तरह रामघाट पर फूल और दीपक बेच रही थीं। इसी दौरान कुछ पुजारियों ने उन्हें वहां से हटने के लिए कहा। विरोध करने पर विवाद बढ़ गया और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मारपीट के दौरान पीतल की आरती से हमला किया गया, जिससे महिला और उसकी मां घायल हो गईं। बीच-बचाव करने पहुंची एक अन्य युवती के साथ भी मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया है।
वहीं पुजारी पक्ष ने अपने आरोपों में कहा है कि आरती के दौरान बार-बार समझाने के बावजूद महिलाओं ने पूजन सामग्री बेचना बंद नहीं किया। इसी बात पर विवाद हुआ और महिलाओं ने पहले उनके साथ धक्का-मुक्की की। पुजारियों का कहना है कि हाथापाई के दौरान जलती हुई आरती उनके ऊपर गिर गई, जिससे उन्हें चोट आई। उन्होंने यह भी दावा किया कि एक अन्य पुजारी को भी मारपीट में चोटें पहुंची हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दोनों पक्षों के बीच जमकर धक्का-मुक्की और मारपीट होती दिखाई दे रही है। वीडियो में कुछ लोग एक-दूसरे पर पीतल की आरती और अन्य सामान फेंकते भी नजर आ रहे हैं। पुलिस वीडियो की जांच कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि विवाद किस परिस्थिति में शुरू हुआ और इसमें किसकी क्या भूमिका रही।

घटना में दोनों पक्षों के तीन से चार लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। सभी घायलों का उपचार कराया गया है और उनकी हालत सामान्य बताई जा रही है। पुलिस ने मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों को भी जांच में शामिल किया है।
महाकाल थाना पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों की शिकायत मिलने के बाद प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। वायरल वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
रामघाट पर हुई इस घटना ने धार्मिक आयोजन के दौरान व्यवस्था और पूजन सामग्री की बिक्री को लेकर चल रहे विवाद को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच में जुटी हुई है और संबंधित सभी पक्षों से पूछताछ की जा रही है।