CM मोहन यादव ने किया इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर का भूमिपूजन, प्रोजेक्ट के लिए 2935.15 करोड़ रुपये स्वीकृत

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इंदौर से उज्जैन के बीच प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं में शामिल इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर का भूमिपूजन शनिवार 20 जून को किया गया. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सांवेर विधानसभा क्षेत्र के चंद्रावतीगंज में सुबह इस परियोजना का भूमिपूजन किया. इस अवसर पर प्रदेशभर में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बने 38 हजार से अधिक नए आवासों का गृह प्रवेश भी कराया गया.

इस कॉरिडोर की लागत 2935 करोड़ रुपए

इस कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट भी मौजूद रहे. करीब 48 किलोमीटर लंबे इस फोरलेन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर का निर्माण लगभग 2935 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया गया है. यह मार्ग इंदौर के पितृ पर्वत क्षेत्र से शुरू होकर उज्जैन के चिंतामन गणेश मंदिर के पास सिंहस्थ बायपास तक पहुंचेगा. जब ये मार्ग बनकर तैयार हो जाएगा तो इंदौर से उज्जैन का सफर आरामदायक और कम समय में पूरा होने लगेगा.

किसानों को 816 करोड़ रुपए का मुआवजा

इस परियोजना के लिए कुल 917 किसानों की 242.939 हेक्टेयर जमीन प्रभावित हुई है. सरकार ने इसके बदले किसानों को 816 करोड़ रुपए से अधिक मुआवजा दिया है. सरकार के इस फैसले की सबसे खास बात ये रही है कि किसानों को कलेक्टर गाइडलाइन के बजाय बाजार और बिक्री दरों के आधार पर 4 से 8 गुना ज्यादा मुआवजा दिया गया, जिसे प्रदेश में पहली बार लागू किया गया है.

क्या है विशेशज्ञों का मानना?

विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना केवल सिंहस्थ की जरूरतों को पूरा करने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इंदौर-उज्जैन क्षेत्र में औद्योगिक निवेश, पर्यटन गतिविधियों और व्यापारिक विस्तार के नए अवसर भी पैदा करेगी. इस परियोजना से सीधे जुड़ने वाले 28 गांवों में इंदौर के 20 और उज्जैन के 8 गांव शामिल हैं.