री-नीट परीक्षा से पहले छात्रा की मौत, परीक्षा रद्द होने के बाद तनाव में थी; परिवार ने जताई चिंता

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दिल्ली में रहकर NEET की तैयारी कर रही 18 वर्षीय छात्रा की मौत से परिवार और क्षेत्र में शोक की लहर है। परिजनों का कहना है कि परीक्षा रद्द होने के बाद से वह मानसिक तनाव में थी। छात्रा ने पूरे साल कड़ी मेहनत के साथ तैयारी की थी और उसे विश्वास था कि इस बार उसका प्रदर्शन अच्छा रहेगा।

परिवार के अनुसार, छात्रा पढ़ाई में बेहद होनहार थी। उसने अपनी स्कूली शिक्षा में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था और मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देख रही थी। घरवालों को उम्मीद थी कि वह परिवार की पहली डॉक्टर बनेगी और अपने माता-पिता का सपना पूरा करेगी। परीक्षा के बाद वह अच्छे परिणाम को लेकर आशावान थी, लेकिन परीक्षा से जुड़ी अनिश्चितताओं ने उसे परेशान कर दिया था।

बताया गया है कि छात्रा लंबे समय से मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही थी और पढ़ाई को लेकर काफी गंभीर थी। परीक्षा रद्द होने की खबर आने के बाद वह पहले की तुलना में अधिक चिंतित रहने लगी थी। परिवार का कहना है कि उसने तैयारी में अपना पूरा समय और मेहनत लगाई थी, इसलिए परीक्षा से जुड़े घटनाक्रम का उस पर गहरा प्रभाव पड़ा।

घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार, रिश्तेदार और परिचित इस हादसे से स्तब्ध हैं। लोगों का कहना है कि छात्रा का भविष्य उज्ज्वल था और वह अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए लगातार मेहनत कर रही थी। उसकी असमय मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया है।

मामले को लेकर जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने भी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े विवाद, अनिश्चितता और बढ़ते दबाव का असर विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। उन्होंने छात्रों के लिए बेहतर काउंसलिंग और मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराने की जरूरत बताई है।

गौरतलब है कि हाल के समय में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर तनाव से जुड़े कई मामले सामने आए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा परिणाम और करियर को लेकर बढ़ते दबाव के बीच छात्रों को भावनात्मक सहयोग और उचित मार्गदर्शन मिलना बेहद जरूरी है। यह घटना एक बार फिर विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा की आवश्यकता को सामने लाती है।