मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों के लिए राहत और अवसर की बड़ी खबर है। राज्य सरकार ने उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सीधी भर्ती प्रक्रिया को फिर से शुरू करने का फैसला किया है। इसके लिए संबंधित नियमों में संशोधन किए गए हैं, जिससे चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुव्यवस्थित और प्रभावी बनाया जा सके। नए प्रावधान लागू होने के बाद खिलाड़ियों को राज्य में ही सम्मानजनक रोजगार के अवसर मिलेंगे और उन्हें सरकारी सेवा के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
नई व्यवस्था के तहत उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए उप-निरीक्षक के 10 और आरक्षक के 50 पद सुरक्षित रखे जाएंगे। भर्ती प्रक्रिया का आयोजन नियमित रूप से हर वर्ष किया जाएगा, जिससे खिलाड़ियों को स्थायी और संरचित अवसर मिल सकेंगे। सरकार का मानना है कि इससे खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलेगा और वे अपने खेल प्रशिक्षण व प्रतिस्पर्धाओं पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
संशोधित नियमों के अनुसार पदक विजेताओं के साथ ओलंपिक, एशियाई खेल, राष्ट्रमंडल खेल, विश्व कप और विश्व चैम्पियनशिप जैसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाड़ी भी भर्ती के लिए पात्र होंगे। उत्कृष्ट खिलाड़ियों को निर्धारित शैक्षणिक योग्यता और ऊंचाई जैसे शारीरिक मापदंडों में छूट प्रदान की जाएगी। इसके अलावा उन्हें लिखित परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) से भी छूट मिलेगी। भर्ती में केवल उन्हीं खेलों को मान्यता दी जाएगी, जो पिछले तीन ओलंपिक खेलों में शामिल रहे हैं।
उप-निरीक्षक पद के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रमुख प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले या पदक जीतने वाले खिलाड़ी पात्र होंगे। वहीं आरक्षक पद के लिए राष्ट्रीय खेलों और अधिकृत राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में स्वर्ण, रजत या कांस्य पदक हासिल करने वाले खिलाड़ियों को भी मौका मिलेगा। समान मेरिट अंक होने की स्थिति में वरिष्ठता का निर्धारण प्रतियोगिता के स्तर और खिलाड़ी की आयु के आधार पर किया जाएगा। इस पहल को राज्य में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।