MP की सड़कों से हटेंगी 899 पुरानी कमर्शियल बसें, ऑपरेटर्स की याचिका को होई कार्ट ने खारिज किया

You are currently viewing MP की सड़कों से हटेंगी 899 पुरानी कमर्शियल बसें, ऑपरेटर्स की याचिका को होई कार्ट ने खारिज किया

MP News: मध्य प्रदेश में 15 साल से ज्यादा पुरानी 899 बसों अब सड़कों पर नहीं दौड़ेंगी. राज्य सरकार की तरफ से नवंबर 2025 में ही आदेश जारी किया गया था, लेकिन सरकार के आदेश को होई कोर्ट में चुनौती दी गई थी. अब हाई कोर्ट ने सरकार के फैसले को मंजूर कर लिया है. मामले में बस ऑपरेटरों की तरफ से 10 याचिकाएं दी गई थीं. लेकिन सरकार ने सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है. अब जल्द ही बसों को हटाने की कार्रवाई की जाएगी.

राज्य सरकार को परिवहन नीति से जुड़े फैसले लेने का अधिकार

मध्य प्रदेश सरकार ने 14 नवंबर 2026 को आदेश जारी किया था. इस आदेश में कहा गया था कि 15 साल से पुरानी कमर्शियल बसें अब सड़कों पर नहीं दौड़ सकेंगी. जिसके बाद ऑपरेटरों ने सरकार के फैसले को चुनौती दी थी. जिसके बाद जस्टिस विशाल मिश्रा की बेंच ने सुनवाई की और 27 फरवरी 2026 को फैसला सुरक्षित रख लिया था. अब कोर्ट ने सरकार के फैसले पर मुहर लगाते हुए कहा कि राज्य सरकार को परिवहन नीति से जुड़े फैसले लेने का पूरा अधिकार है.

ऑपरेटरों की तरफ से क्या कहा गया?

मध्य प्रदेश में 15 साल पुरानी कमिर्शियल बसों को रोकने के फैसले को ऑपरेटरों ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी. ऑपरेटरों का कहना था कि उनके पास वैध स्टेज कैरिज परमिट है. उन्होंने जब परमिट लिया तो उस समय 15 साल वाला नियम नहीं था, इसलिए यह नया नियम नए परमिट पर होना चाहिए. ऑपरेटरों ने कहा कि उन्होंने नियम से लगाातर नवीनीकरण करवाया है और टैक्स भी जमा करवाया है. इसलिए बसों को चलाने की इजाजत दी जाए.

बता दें कि प्रदेश में सबसे ज्यादा खटारा बसें जबलपुर में हैं, जबकि सबसे कम खटारा बसें रीवा संभाग में हैं. फिलहाल हाई कोर्ट के फैसले के बाद उन सभी ऑपरेटरो की उम्मीदें खत्म हो गई हैं, जिनकी 15 साल से ज्यादा पुरानी कमर्शियल बसें सड़कों पर दौड़ रही हैं.