ईरान-इजरायल-अमेरिका के बीच 40 दिनों तक चली जंग के बार सीजफायर हो चुका है. भारतीय समय अनुसार बुधवार सुबह करीब 4 बजे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सीजफायर का ऐलान किया है. ट्रंप की पोस्ट के बाद पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ ने एक पोस्ट में बताया कि दोनों देश जंग रोकने के लिए तैयार हो चुके हैं. दोनों देशों के इस फैसले के बाद दुनियाभर ने राहत की सांस ली है. दूसरी तरफ अमेरिका में इस सीजफायर को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि ईरान ने दावा किया है कि अमेरिका को हमारी 10 शर्तें माननी पड़ी हैं. यही वजह है कि अमेरिका में ट्रंप के इस्तीफे की मांग उठने लगी है.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप इस जंग को लेकर अपने ही देश में शुरुआत से ही विरोध झेल रहे थे. लाखों की संख्या में लोग सड़कों पर उतरकर जंग के खिलाफ प्रदर्शन किया था. इसके साथ ही ट्रंप के जंग में उतरने के फैसले को गलत बताया था. अब जनता की तरफ से सवाल खड़े किए जा रहे हैं कि जब सीजफायर ईरान की शर्तों पर ही करना था तो जंग में क्यों उतरे थे?
अमेरिका में ट्रंप के इस्तीफे की मांग
सीजफायर के बाद अमेरिका में राष्ट्रपति ट्रंप के इस्तीफे की मांग तेज हो गई है. अमेरिकी सीनेटर क्रिस मर्फी ने कहा कि ट्रंप ने इस जंग को रोकने के लिए ईरान के सामने पूरी तरह से समर्पण कर दिया है. उन्होंने दावा किया है कि ट्रंप अमेरिका को पूरी बात नहीं बता रहे हैं. अगर ईरान की मांग का कुछ हिस्सा भी मान लें, तो डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट पर उसे नियंत्रण देने की सहमति दे दी है. अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की सदस्य ग्वेन मूरे ने कहा कि ट्रंप राष्ट्रपति जैसे पद के योग्य ही नहीं हैं, उन्हें तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए.
व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लीविट ने कहा कि यह अमेरिका की जीत है. इसे राष्ट्रपति ट्रंप और हमारी शानदार सेना ने संभव बनाया है. बहरहाल सीजफायर होने के बाद दुनियाभर के बाजारों में बूम देखने को मिल रहा है. इसके साथ ही क्रूड ऑयल की कीमतें भी नीचे जा चुकी हैं.
10 शर्तों में हुआ दोनों देशों के बीच सीजफायर
ईरान ने अमेरिका के सामने सीजफायर पर सहमति जाहिर करने के लिए कुल 10 शर्तें रखी थीं. ईरान के राष्ट्रीय टेलीविजन से एक खबर आई कि ट्रंप ईरान की सभी शर्तों पर राजी हो गए हैं. इनमें सबसे बड़ी शर्त होर्मुज से जहाजों की आवाजाही पर शुल्क की शर्त मनवा लेना उसकी जीत है.
ट्रंप ने ईरान को दिया था अल्टीमेटम
सीजफायर से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को अल्टीमेटम दिया था. इसमें उन्होंने कहा था कि आज रात एक सभ्यता पूरी तरह से खत्म हो सकती है. उनकी इस धमकी के बाद माना जा रहा था कि वे परमाणु हमला कर सकते हैं.उन्होंने अहम इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले की भी धमकी दी थी.हालांकि ऐसा नहीं हुआ. समझौते के तहत अमेरिका और इजराइल अपने हमले रोकेंगे. ईरान भी हमले बंद करेगा. सीजफायर के बाद ट्रंप ने इस फैसले को दुनिया की शांति के लिए बड़ा दिन बताया है.