4 मार्च को मध्य प्रदेश में होली पारंपरिक उल्लास, सांस्कृतिक रंगत और जनभागीदारी के साथ मनाई जा रही है। राजधानी भोपाल से लेकर उज्जैन, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और अन्य शहरों तक फागुन का रंग साफ नजर आ रहा है। प्रदेशभर में गुलाल, फूलों और लोक परंपराओं के साथ उत्सव का माहौल बना हुआ है।
जनप्रतिनिधियों ने भी निभाई परंपरा
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने फूलों और गुलाल से होली खेलकर शुभकामनाएं दीं। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने फाग गाया और संदेश दिया कि दुनिया में बारूद नहीं, रंगों की वर्षा होनी चाहिए।
स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने टिमकी और ढोलक की थाप पर पारंपरिक फाग गाकर उत्सव में भागीदारी की।
उज्जैन से सागर तक रंग और संगीत
धार्मिक नगरी उज्जैन में संतों ने फूलों और गुलाल से होली खेली। सांसद अनिल फिरोजिया ‘भीगे चुनर वाली’ गीत पर झूमते नजर आए।
रतलाम में मेयर प्रहलाद पटेल ने ‘लैला ओ लैला’ पर डांस किया, जबकि सागर में विधायक शैलेंद्र जैन ने पत्नी के साथ ‘चल छैया छैया’ गीत पर थिरक कर कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाया।
डिंडोरी में कलेक्टर निवास पर होली मिलन
डिंडोरी में कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया के बंगले पर होली मिलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर कांग्रेस विधायक ओंकार सिंह मरकाम ने ढोलक बजाकर फाग गाया, जिससे आयोजन में लोक परंपरा की झलक दिखाई दी।
भोपाल में रंगों का जुलूस
राजधानी भोपाल के पीर गेट चौराहे पर टैंकरों से रंगों की बौछार की गई। घोड़े और ऊंटों के साथ निकला जुलूस आकर्षण का केंद्र रहा। ढोल-नगाड़ों की धुन पर बड़ी संख्या में लोग उत्साहपूर्वक शामिल हुए।
विदेशी मेहमान भी हुए शामिल
निवाड़ी में इटली से आए विदेशी मेहमानों ने स्थानीय लोगों के साथ रंग खेलकर सांस्कृतिक मेलजोल का उदाहरण पेश किया। खजुराहो में भी विदेशी पर्यटकों ने नृत्य और रंगों के साथ होली मनाई।
अन्य शहरों में भी उल्लास
जबलपुर के लम्हेटा घाट स्थित इस्कॉन मंदिर में ब्रज शैली की होली आयोजित हुई। ग्वालियर में महाराजा बाड़ा स्थित विक्टोरिया मार्केट के सामने पारंपरिक मूर्ख सम्मेलन की तैयारी रही।
इंदौर में बड़े होटलों से लेकर सेंट्रल जेल तक रंगों का उत्सव देखने को मिला।