जनतंत्र, मध्यप्रदेश, श्रुति घुरैया:
जबलपुर शहर के रांझी थाना क्षेत्र में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक आम सी सफाई मुहिम अचानक सुरक्षा अलर्ट में तब्दील हो गई। आयुध निर्माणी खमरिया से सटे आमा नाला इलाके में नगर निगम द्वारा गर्मी से पहले करवाए जा रहे कुएं की सफाई के दौरान कुछ ऐसा सामने आया, जिसने न सिर्फ पुलिस बल को अलर्ट कर दिया बल्कि पूरे इलाके को चौंका दिया।
सफाई कर्मियों को कुएं की गहराई में भारी मात्रा में खाली कारतूस और हैंड ग्रेनेड के खोखे नजर आए। देखते ही देखते मामला गंभीर हो गया और पुलिस को तत्काल सूचना दी गई। रांझी सीएसपी सतीश साहू के निर्देश पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को घेर लिया। घटनास्थल से लगभग 50 खाली कारतूस और हैंड ग्रेनेड के खोखे बरामद किए गए, जिन्हें पुलिस ने तुरंत कब्जे में ले लिया।
जिस कुएं से ये खतरनाक सामान मिला है, वह क्षेत्र मजदूर वर्ग की बस्ती के नजदीक है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि किसी कबाड़ी ने इन सैन्य अवशेषों को एलपीआर (लो प्रोफाइल रेंज) क्षेत्र से इकट्ठा कर यहां ठिकाने लगाया हो। लेकिन असली सवाल यही है कि इतनी संवेदनशील वस्तुएं आखिर कैसे लीक हुईं? क्या सुरक्षा व्यवस्था में कहीं चूक हुई है? या फिर ये किसी बड़ी लापरवाही की निशानी है?
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सूर्यकांत शर्मा ने मामले की गंभीरता को समझते हुए इसे सुरक्षा से जुड़ा संभावित खतरा माना है। उन्होंने बताया कि – “हमें स्थानीय लोगों से कुएं में कारतूस और ग्रेनेड के खोखे होने की जानकारी मिली थी। पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। ये खोखे पुराने प्रतीत हो रहे हैं, लेकिन अभी कुछ भी कहना जल्दबाज़ी होगी। मामले की हर कोण से जांच की जा रही है।”
चूंकि मामला आयुध निर्माणी खमरिया जैसे केंद्रीय सुरक्षा संस्थान के नजदीक का है, ऐसे में इस दिशा में भी जांच की जा रही है कि क्या यह संस्था से निकले अवशेष हैं, और अगर हां, तो वे कब और कैसे बाहर पहुंचे? क्या इसके पीछे कोई आंतरिक लापरवाही है या फिर कबाड़ी कारोबार से जुड़ा कोई गुप्त नेटवर्क?