जनतंत्र, मध्यप्रदेश, श्रुति घुरैया:
खंडवा के इंदौर-ऐदलाबाद नेशनल हाईवे पर बुधवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना घटी। नागपुर से पैदल विहार करते हुए इंदौर की ओर जा रहे प्रसिद्ध जैन मुनि गजेंद्र मुनि महाराज की तेज रफ्तार आयशर वाहन की चपेट में आने से मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना से पूरे जैन समाज में शोक की लहर दौड़ गई है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह करीब 8 बजे जब जैन मुनि अपने दो अन्य साधु-संतों के साथ ग्राम मोकलगांव टोल टैक्स के पास पहुंचे, तभी एक तेज रफ्तार आयशर वाहन उनकी ओर बढ़ा। देखते ही देखते वह गजेंद्र मुनि महाराज को रौंदता हुआ आगे निकल गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि मुनि महाराज ने वहीं अंतिम सांस ली। दुर्घटना के तुरंत बाद आरोपी वाहन चालक मौके से फरार हो गया। इस दुर्घटना से वहां मौजूद श्रद्धालु और अनुयायी स्तब्ध रह गए।
सीसीटीवी फुटेज में कैद हुआ मौत का मंजर, पुलिस ने तेज की जांच!
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। टीआई दिलीप देवड़ा ने बताया कि टोल टैक्स के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिसमें दुर्घटना के समय एक आयशर वाहन गुजरता हुआ नजर आया। पुलिस ने आरोपी चालक और वाहन की तलाश तेज कर दी है और जल्द गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है।
जैन समाज में आक्रोश, अंतिम संस्कार में उमड़ा जनसैलाब
मुनि महाराज के पार्थिव शरीर का पोस्टमॉर्टम पंधाना में करवाया गया, जिसके बाद जैन समाज के लोगों ने शिल्टिया गांव के मुक्तिधाम में उनके अंतिम संस्कार की विधि संपन्न की। इस दौरान समाज के सैकड़ों श्रद्धालु, अनुयायी और प्रमुख संत उपस्थित रहे। घटना के बाद जैन समाज में गहरा आक्रोश और शोक का माहौल है। समाज के प्रमुख लोगों ने प्रशासन से आरोपी वाहन चालक की जल्द गिरफ्तारी और कठोर दंड की मांग की है।
नागपुर में रखी जाएगी श्रद्धांजलि सभा, उमड़ेंगे अनुयायी
गजेंद्र मुनि महाराज मूल रूप से नागपुर के निवासी थे। वे इंदरचंद के बेटे और बसंती लाल गोलेच्छा के भाई थे। उनके दो पुत्र कैलाश और हेमंत गोलेच्छा हैं। समाज ने घोषणा की है कि गुरुवार (4 अप्रैल) सुबह 10 बजे नागपुर के वर्धमान नगर स्थानक में श्रद्धांजलि सभा रखी जाएगी। इसमें बड़ी संख्या में संतगण, अनुयायी और समाजजन शामिल होकर दिवंगत मुनि को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।