जनतंत्र, मध्यप्रदेश, श्रुति घुरैया:
राजगढ़ जिले की खिलचीपुर तहसील के ग्राम ढाबला निवासी और मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय इंदौर खंडपीठ के रिटायर्ड न्यायमूर्ति शम्भू सिंह (85) का गुरुवार देर रात निधन हो गया। वह लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे और इलाज के लिए इंदौर के अरविंदो अस्पताल में भर्ती थे। डॉक्टरों ने उन्हें वेंटिलेटर पर रखा था, लेकिन तबीयत में सुधार नहीं हुआ। शुक्रवार देर रात परिजन उन्हें वेंटिलेटर एम्बुलेंस से पैतृक गांव ढाबला लेकर आए, जहां रात 11:58 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
गांव में शोक की लहर
निधन की खबर मिलते ही पूरे ढाबला गांव और आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिचित लोग शुक्रवार सुबह से ही उनके घर पहुंचने लगे। परिजन के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार शुक्रवार दोपहर 1 बजे पैतृक गांव ढाबला में किया जाएगा।
जस्टिस शम्भू सिंह ने अपने न्यायिक कार्यकाल के दौरान हमेशा निष्पक्ष और निर्भीक फैसले दिए। वह ईमानदार छवि और सादगीपूर्ण जीवनशैली के लिए जाने जाते थे। सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्होंने सार्वजनिक जीवन से दूरी नहीं बनाई, बल्कि गांव और समाज के हितों के लिए सक्रिय रूप से कार्य करते रहे। उनका व्यक्तित्व न्यायप्रिय, स्पष्टवादी और सरल स्वभाव का माना जाता था।
न्यायिक कार्यकाल के बाद जस्टिस शम्भू सिंह ने राजनीतिक क्षेत्र में भी अपनी भागीदारी दर्ज कराई। वर्ष 2004 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में राजगढ़ संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ा था। हालांकि उन्हें सफलता नहीं मिली, लेकिन जनता ने उन्हें न्यायप्रिय और ईमानदार नेता के रूप में याद रखा।
उनके निधन से न्यायिक, राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र को गहरा आघात पहुंचा है। कई स्थानीय जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ अधिवक्ताओं और गणमान्य नागरिकों ने गहरा शोक व्यक्त किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। जस्टिस शम्भू सिंह की विदाई के साथ ही मध्यप्रदेश ने एक ऐसे व्यक्तित्व को खो दिया है, जिसने न सिर्फ न्यायपालिका में बल्कि समाज और राजनीति में भी अपनी अमिट छाप छोड़ी।