जनतंत्र, मध्यप्रदेश, श्रुति घुरैया:
भारतीय जनता पार्टी को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल गया है। मंगलवार को नितिन नबीन को पार्टी का 12वां राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया। नई दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में उनके नाम का औपचारिक ऐलान किया गया। सोमवार को अध्यक्ष पद के लिए नितिन नबीन का एकमात्र नामांकन दाखिल हुआ था, जिसके बाद वे निर्विरोध इस पद पर निर्वाचित हुए।
नितिन नबीन इससे पहले 14 दिसंबर 2025 को भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष बनाए गए थे। संगठन में लंबे समय से सक्रिय रहने और कार्यकर्ता से नेतृत्व तक की उनकी यात्रा को देखते हुए पार्टी ने उन्हें पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नबीन ने करीब 20 मिनट का पहला संबोधन दिया। उन्होंने अपने भाषण में भाजपा की वैचारिक पहचान, त्याग और राष्ट्रप्रथम की सोच को केंद्र में रखा।
नबीन ने कहा—
“हम ऐसे राजनीतिक दल से जुड़े हैं, जहां राजनीति सत्ता नहीं, साधना है। राजनीति भोग नहीं, त्याग है। राजनीति ऐशो-आराम नहीं, तपस्या है। राजनीति कोई पदभार नहीं, उत्तरदायित्व है।”
उन्होंने अपने निर्वाचन को एक साधारण कार्यकर्ता की असाधारण यात्रा का सम्मान बताते हुए कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में उन्हें जो जिम्मेदारी मिली है, वह संगठन और राष्ट्र के प्रति समर्पण की मांग करती है।
‘हमें अपने हिस्से का त्याग करना होगा’
नितिन नबीन ने कार्यकर्ताओं से अपेक्षाओं को साफ शब्दों में रखा। उन्होंने कहा कि भाजपा की परंपरा त्याग और अनुशासन पर आधारित है और हर कार्यकर्ता को अपने हिस्से का त्याग करने के लिए तैयार रहना होगा।
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा—
“हमने पीएम मोदी को एक कार्यकर्ता के रूप में देशसेवा करते देखा है। उनसे यही सीखा है कि जो व्यक्ति खुद को लोगों की भावनाओं से जोड़ लेता है, वही बड़ा बनता है।”
भाजपा के ऐतिहासिक नारों और फैसलों का जिक्र
नितिन नबीन ने अपने भाषण में भाजपा के संघर्षकाल और ऐतिहासिक नारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जनसंघ के दौर से ही पार्टी के कार्यकर्ताओं ने ऐसे नारे गढ़े, जिन्होंने देश की राजनीति की दिशा बदली।
उन्होंने राम मंदिर आंदोलन, धारा 370 की समाप्ति और श्रीनगर के लाल चौक में तिरंगा लहराने का जिक्र करते हुए कहा कि ये सभी पल भाजपा के कार्यकर्ताओं के संघर्ष और धैर्य का परिणाम हैं।
‘राष्ट्र पहले, पार्टी बाद में, खुद सबसे आखिर में’
नितिन नबीन ने भाजपा के मूल मंत्र को दोहराते हुए कहा कि पार्टी हमेशा “राष्ट्र पहले, पार्टी बाद में और खुद सबसे आखिर में” के सिद्धांत पर चलती है। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 की समाप्ति के बाद कश्मीर की स्थिति में आए बदलाव इस सोच का उदाहरण हैं।
नए राज्यों पर फोकस, विस्तार का रोडमैप
अपने संबोधन में नितिन नबीन ने स्पष्ट किया कि भाजपा का लक्ष्य अब केवल पारंपरिक मजबूत राज्यों तक सीमित नहीं है। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में पार्टी को मजबूत विकल्प के रूप में स्थापित करना संगठन की प्राथमिकता है।
उनका कहना था कि कार्यकर्ताओं की मेहनत, संगठन की ताकत और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में इन राज्यों में भी भाजपा बेहतर प्रदर्शन करेगी।
पदभार ग्रहण समारोह में पीएम मोदी, नड्डा और नबीन के संबोधन
राष्ट्रीय अध्यक्ष के पदभार ग्रहण कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व अध्यक्ष जेपी नड्डा और नवनियुक्त अध्यक्ष नितिन नबीन ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नितिन नबीन को माला पहनाकर उन्हें शुभकामनाएं दीं। इसके बाद पीएम मोदी ने करीब 55 मिनट तक भाषण दिया। उन्होंने भाजपा की संगठनात्मक संस्कृति और कार्यकर्ता भावना पर जोर देते हुए कहा—
“लोग सोचते होंगे कि मोदी इतनी छोटी उम्र में मुख्यमंत्री बन गए, हेड ऑफ द गवर्नमेंट बन गए, लेकिन इन सबसे बड़ी चीज यह है कि मैं भाजपा का कार्यकर्ता हूं। मैं मानता हूं कि नितिनजी मेरे बॉस हैं और मैं एक कार्यकर्ता हूं। अब वे मेरे काम का आकलन करेंगे।”
मोदी के इस बयान को पार्टी के भीतर कार्यकर्ता संस्कृति और संगठनात्मक अनुशासन के मजबूत संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
जेपी नड्डा बोले— नबीन के नेतृत्व में नए क्षेत्रों में खिलेगा कमल
पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने लगभग 10 मिनट का संबोधन दिया। उन्होंने नितिन नबीन को बधाई देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में भाजपा उन राज्यों में भी अपनी पहुंच बढ़ाएगी जहां अब तक पार्टी को अपेक्षित सफलता नहीं मिली है।
नड्डा ने बंगाल, पुडुचेरी, तमिलनाडु, असम और केरल का जिक्र करते हुए कहा कि संगठनात्मक मजबूती के दम पर भाजपा वहां भी अपनी जड़ें मजबूत करेगी।
पीएम मोदी की स्पीच की बड़ी बातें
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में कांग्रेस, घुसपैठ, चुनावी प्रदर्शन और पार्टी की संगठनात्मक संस्कृति पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने पतन की समीक्षा करने की हिम्मत खो चुकी है और अगर कारणों पर जाए तो उसी परिवार पर सवाल उठेंगे जिसने पार्टी पर कब्जा कर रखा है। मोदी ने घुसपैठ को देश की सुरक्षा और गरीबों के अधिकारों के लिए खतरा बताते हुए कहा कि भारत अपने संसाधनों को लूटने नहीं देगा। महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा नगरपालिकाओं और नगर निगमों में भी जनता की पहली पसंद बनकर उभरी है।
‘भाजपा में मेंबरशिप से ज्यादा रिलेशनशिप’
पीएम मोदी ने कहा कि भाजपा केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि एक संस्कार और परिवार है। उन्होंने कहा कि पार्टी में पद बदलते हैं, लेकिन आदर्श नहीं बदलते; नेतृत्व बदलता है, लेकिन दिशा वही रहती है।
नए नेतृत्व से संगठन को नई धार
नितिन नबीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के साथ ही भाजपा ने संगठनात्मक मजबूती, विस्तार और वैचारिक स्पष्टता का संदेश दिया है। कार्यकर्ता से शीर्ष नेतृत्व तक की उनकी यात्रा को पार्टी भविष्य की रणनीति और नए क्षेत्रों में विस्तार के संकेत के रूप में देख रही है।