लव जिहाद फंडिंग केस: 3 माह से फरार कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी ने किया सरेंडर, कोर्ट में हुआ पेश; अब 8 दिन की पुलिस रिमांड में शुरू होगी पूछताछ!

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जनतंत्र, मध्यप्रदेश, श्रुति घुरैया:

इंदौर का चर्चित लव जिहाद फंडिंग मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। करीब तीन माह से फरार कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी उर्फ अनवर डकैत शुक्रवार को जिला अदालत में पेश हुआ। पुलिस ने पहले से ही उस पर 40 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। कादरी जब कोर्ट पहुंचा तो माहौल तनावपूर्ण हो गया। भीड़ ने उसकी ओर झपटने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उसे चारों ओर से घेरकर सुरक्षित कोर्ट कक्ष तक पहुंचाया।

अदालत से मिला आठ दिन का रिमांड

बाणगंगा पुलिस ने कोर्ट से अनवर कादरी के आठ दिन के रिमांड की मांग की, जिसे मंजूर कर लिया गया। जैसे ही पुलिस उसे कोर्ट से बाहर लाई, लोगों का गुस्सा एक बार फिर भड़क गया और अफरातफरी का माहौल बन गया। भीड़ ने कादरी को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उसे तत्काल वाहन तक पहुंचाकर कड़ी सुरक्षा के बीच रवाना कर दिया।

लव जिहाद फंडिंग केस में नाम आया सामने

करीब दो माह पहले इंदौर के बाणगंगा थाना क्षेत्र में दो युवकों साहिल शेख और अल्ताफ पर दो युवतियों के साथ रेप और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का केस दर्ज हुआ था। जांच के दौरान सामने आए वीडियो में दोनों आरोपियों ने कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी का नाम लिया। आरोप है कि कादरी ने युवकों को लड़कियों को फंसाने और निकाह कराने के लिए पैसों का लालच दिया था।

पुलिस की जांच में सामने आया कि कादरी ने एक लड़की को फंसाने के लिए एक लाख रुपए और निकाह कराने पर दो लाख रुपए देने की बात कही थी। मोबाइल जांच में भी पता चला कि आरोपी युवकों ने सोशल मीडिया पर ‘अर्जुन’ और ‘राज’ जैसे फर्जी हिंदू नामों से आईडी बनाकर लड़कियों से दोस्ती की और फिर उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया।

पार्षद पद से हटाने की प्रक्रिया शुरू

अनवर कादरी के खिलाफ नगर निगम में भी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। महापौर परिषद की बैठक में पार्षद पद से हटाने का प्रस्ताव मंजूर हो चुका है। नगर निगम कमिश्नर दीपक सिंह ने कादरी को 25 अगस्त तक नोटिस का जवाब देने का समय दिया था, लेकिन उससे पहले ही वह कोर्ट में पेश हो गया।

दिल्ली में बेटी की गिरफ्तारी भी हो चुकी है

अनवर कादरी के फरार रहने के दौरान पुलिस ने कई राज्यों में छापेमारी की थी। 28 जुलाई को उसकी बेटी आयशा को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। आयशा पर आरोप था कि वह अपने पिता के फरारी के दौरान संपर्क में थी। बाद में उसे जमानत मिल गई।

अनवर कादरी उर्फ डकैत के आपराधिक मामले

1. जानलेवा हमले में सजा

साल 2011 में अनवर कादरी, उसके भाई और एक अन्य आरोपी को जानलेवा हमले के मामले में अदालत ने एक साल की जेल की सजा सुनाई थी। 2009 में हुए इस हमले में पीड़ित अनवर हुसैन एक अन्य केस में गवाह था। गिरफ्तारी के समय पुलिस ने आरोपियों के पास से पिस्टल, कट्टा, तलवार और चाकू भी जब्त किए थे।

2. उज्जैन डकैती केस – ‘डकैत’ नाम यहीं से पड़ा

1996 में उज्जैन के महाकाल थाने में कादरी पर डकैती का केस दर्ज हुआ था। इसके बाद वह अपराध जगत में अनवर डकैत के नाम से पहचाना जाने लगा।

3. ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ विवाद

28 अप्रैल 2025 को इंदौर के वार्ड 58 क्षेत्र में एक कार्यक्रम के दौरान कादरी के समर्थकों ने ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाए थे। इस मामले में बीजेपी विधायक गोलू शुक्ला की शिकायत पर कादरी गिरफ्तार हुआ और जेल भेजा गया।

4. पार्षद और राजनीतिक सफर

अनवर कादरी तीन बार कांग्रेस पार्षद रह चुका है। उसकी पत्नी भी दो बार पार्षद रह चुकी है। प्रमोद टंडन के कार्यकाल में वह शहर कांग्रेस का महामंत्री बना। उसने एक बार निर्दलीय चुनाव भी लड़ा था।

फिलहाल स्थिति

अदालत से मिले आठ दिन के पुलिस रिमांड के दौरान अनवर कादरी से पूछताछ की जाएगी। पुलिस का कहना है कि रिमांड अवधि में घटना से जुड़े और सबूत जुटाए जाएंगे। वहीं, नगर निगम में उसके पार्षद पद को खत्म करने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। लव जिहाद फंडिंग केस से लेकर पुराने आपराधिक मामलों तक, अनवर कादरी का नाम लगातार विवादों में रहा है। अब इस बार की गिरफ्तारी पर सभी की नजर पुलिस जांच और कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी है।

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