जनतंत्र, मध्यप्रदेश, श्रुति घुरैया:
मध्यप्रदेश में फाल्गुन पूर्णिमा के बाद से ही मौसम ने करवट लेना शुरू कर दिया है। होली की मस्ती के बाद अब गर्मी का प्रकोप धीरे-धीरे अपना प्रभाव बढ़ा रहा है। ऐसा माना जाता है कि जैसे-जैसे चैत्र मास का आगमन होता है, वैसे-वैसे सूर्य की तपिश भी तीव्र होने लगती है। मार्च के अंतिम दिनों में सूर्य अपनी तेज किरणों से पृथ्वी को तपाना शुरू कर देता है और यही समय होता है जब ग्रीष्म ऋतु के प्रभाव का प्रारंभ माना जाता है। ऐसे में मध्यप्रदेश में ग्रीष्म ऋतु ने पूरी तरह से अपना प्रभाव दिखाना शुरू कर दिया है। मार्च के अंतिम दिनों में सूर्यदेव का तेज़ बढ़ता जा रहा है और तापमान लगातार ऊपर चढ़ रहा है।
रविवार को रतलाम में तापमान 39 डिग्री तक पहुंच गया, जबकि ग्वालियर, इंदौर और उज्जैन संभाग के कई जिले सबसे अधिक गर्म रहे। राजधानी भोपाल में रविवार सुबह से ही गर्मी का असर देखने को मिला। दिनभर तीखी धूप के कारण अधिकतम तापमान 34 डिग्री के पार चला गया। मौसम विभाग के अनुसार, हिमालय के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) सक्रिय है, लेकिन यह अधिक प्रभावी नहीं है। इसी कारण इसका मध्यप्रदेश पर सीमित असर देखने को मिलेगा।
इधर शनिवार-रविवार की रात में अमरकंटक में तेज बारिश दर्ज की गई, जहां 4 इंच से अधिक वर्षा हुई। रीवा, भिंड और अनूपपुर में तेज आंधी चली, जबकि सतना, रीवा, अनूपपुर और भिंड में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च से गर्मी का सीजन शुरू हो चुका है, जो अगले 4 महीने तक जारी रहेगा। अप्रैल और मई में हीट वेव (लू) का असर अधिक रहने की संभावना है। इस दौरान प्रदेश में 30 से 35 दिनों तक गर्म हवाएं चल सकती हैं।
आने वाले दिनों में कैसा रहेगा मौसम?
🌞 24 मार्च: तेज धूप खिली रहेगी और गर्मी का प्रभाव बढ़ेगा। बारिश की कोई संभावना नहीं।
🌞 25 मार्च: दिन के तापमान में 2-3 डिग्री की और बढ़ोतरी हो सकती है।
🔥 27 मार्च से 31 मार्च: प्रदेश के कई इलाकों में लू (Heatwave) चलने की संभावना है। कुछ शहरों में तापमान 40 डिग्री से ऊपर जा सकता है।