जनतंत्र, मध्यप्रदेश, श्रुति घुरैया:
शहर के भिश्ती मोहल्ला क्षेत्र से गुरुवार देर रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। यहां 80 वर्षीय बुजुर्ग का शव खंडहरनुमा मकान से बरामद हुआ। चौंकाने वाली बात यह रही कि शव को आवारा कुत्ते नोंच रहे थे और शव का अधिकांश हिस्सा खा चुके थे। पुलिस और फोरेंसिक टीम मामले की जांच में जुट गई है।
शव मिला तो दहशत फैल गई
पुलिस के मुताबिक मृतक की पहचान विजेंद्र सिंह ठाकुर (80 वर्ष) के रूप में हुई है। विजेंद्र सिंह लंबे समय से इसी पुराने मकान में अकेले रह रहे थे। गुरुवार दोपहर जब उनका भतीजा और गुजराती कॉलेज के प्रोफेसर अमिंद्र सिंह बैस उनसे मिलने पहुंचे तो घर के अंदर से बदबू आ रही थी। दरवाजा अंदर से बंद था, जिससे शक गहरा गया। पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर का नजारा देख सभी दंग रह गए। शव को कुत्ते खा रहे थे।
आधा शरीर कुत्तों ने नोच खाया
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शव का पूरा हाथ, एक पैर, दूसरे पैर का हिस्सा, सिर और चेहरा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका था। जब दरवाजा खोला गया तो एक कुत्ता शव पर झपटा मार रहा था, जिसे वहां से भगाना पड़ा। शव पूरी तरह सड़ चुका था और शरीर पीला पड़ चुका था।
भतीजे अमिंद्र सिंह ने बताया कि उनके चाचा रिटायरमेंट के बाद अकेले रहते थे। पहले वे मृगनयनी एम्पोरियम में कार्यरत थे। उनकी दो बार शादी हुई थी, लेकिन दोनों बार तलाक हो गया। संतान न होने की वजह से वे अकेलेपन में जीवन बिता रहे थे। अमिंद्र कभी-कभी उनसे मिलने आ जाते थे, लेकिन घर का अगला हिस्सा जर्जर होने के कारण वे पीछे से अंदर जाते थे।
सांप के काटने की आशंका
घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने दावा किया कि मकान के बाहर कचरे और गंदगी के कारण अक्सर सांप दिखाई देते हैं। घटना के बाद भी मकान के बाहर एक सांप घूमते देखा गया। ऐसे में यह भी आशंका जताई जा रही है कि संभवतः सांप के काटने से विजेंद्र सिंह की मौत हुई हो। हालांकि पुलिस का कहना है कि शव काफी सड़ चुका है, इसलिए मौत का कारण स्पष्ट नहीं है। फोरेंसिक जांच के बाद ही स्थिति साफ होगी।
पुलिस की कार्रवाई
सदर बाजार थाना पुलिस ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मौके पर फोरेंसिक टीम ने जांच की और परिजनों से पूछताछ की। पुलिस का कहना है कि मौत का सही कारण रिपोर्ट आने के बाद ही बताया जा सकेगा।
इलाके में सनसनी
घटना के बाद पूरे मोहल्ले में दहशत और सनसनी फैल गई है। लोग कह रहे हैं कि अकेले रह रहे बुजुर्ग के घर में समय-समय पर झांकने और हालचाल लेने वाला कोई नहीं था। मकान जर्जर और खंडहरनुमा हालत में था, जिससे अंदर तक बदबू आने पर ही पड़ोसियों को शक हुआ।