जनतंत्र, मध्यप्रदेश, श्रुति घुरैया:
भोपाल रेलवे स्टेशन पर गुरुवार सुबह डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) की टीम ने एक और बड़ी सफलता हासिल की। टीम ने अमृतसर-सीएसटीएम एक्सप्रेस से सफर कर रही युगांडा की महिला के पास से करीब 4 करोड़ रुपए कीमत की 147 ग्राम कोकीन और 370 ग्राम क्रिस्टल मेथ बरामद की। आरोपी महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
दिल्ली से मुंबई जा रही थी आरोपी महिला
डीआरआई की भोपाल यूनिट को गोपनीय सूचना मिली थी कि अमृतसर-सीएसटीएम एक्सप्रेस (11051) से दिल्ली से मुंबई जा रही एक विदेशी महिला के पास भारी मात्रा में नशीला पदार्थ है। सूचना पर गुरुवार (28 अगस्त) सुबह करीब 9:30 बजे टीम ने रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के साथ संयुक्त कार्रवाई की और महिला को भोपाल स्टेशन पर ट्रेन से उतारा।
जांच में उसके बैग से 147 ग्राम कोकीन और 370 ग्राम क्रिस्टल मेथ बरामद हुआ। गिरफ्तार महिला की पहचान नाबायुंगा जरिया (युगांडा निवासी) के रूप में हुई। महिला ने कबूल किया कि वह यह नशे की खेप मुंबई पहुंचाने का काम कर रही थी।
15 दिन में तीसरी बड़ी कार्रवाई
डीआरआई भोपाल यूनिट ने महज 15 दिनों में तीसरी बड़ी कार्रवाई की है।
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16 अगस्त को जगदीशपुर इलाके की एक फैक्ट्री से 92 करोड़ की मेफेड्रोन जब्त की गई थी।
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इसके बाद 20 अगस्त को राजधानी एक्सप्रेस से दो तस्करों को गिरफ्तार कर 24 करोड़ रुपए का हाइड्रोपोनिक वीड (गांजा) बरामद हुआ था।
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और अब 28 अगस्त को भोपाल रेलवे स्टेशन पर युगांडा की महिला से 4 करोड़ रुपए कीमत की कोकीन और क्रिस्टल मेथ बरामद की गई।
ये लगातार बड़ी जब्तियां इस बात का सबूत हैं कि मध्यप्रदेश, खासकर भोपाल, नशे के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का बड़ा रूट बनता जा रहा है।
क्या है क्रिस्टल मेथ और क्यों है खतरनाक?
क्रिस्टल मेथ को आम भाषा में आइस या ग्लास भी कहा जाता है। यह एक बेहद खतरनाक सिंथेटिक ड्रग है, जिसे लिथियम, एसिड और आयोडीन जैसे जहरीले रसायनों से तैयार किया जाता है।
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यह अन्य नशीले पदार्थों की तुलना में कहीं ज्यादा तेजी से लत लगाता है।
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इसे सिगरेट, इंजेक्शन या सूंघकर लिया जाता है।
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इसके सेवन से अनिद्रा, मानसिक विकार, शरीर और मस्तिष्क को स्थायी नुकसान और मृत्यु तक हो सकती है।
भारत में नशा सिर्फ एक कानूनी अपराध ही नहीं बल्कि धार्मिक और सामाजिक पाप भी माना जाता है। हमारे शास्त्रों में स्पष्ट कहा गया है कि जो व्यक्ति अपने शरीर को नशे से नष्ट करता है, वह ईश्वर की दी हुई इस अमूल्य देह का अपमान करता है।
नशे का बढ़ता जाल न सिर्फ युवाओं का भविष्य बर्बाद करता है, बल्कि परिवार और समाज की जड़ों को भी खोखला कर देता है। इसीलिए जरूरत है कि नशा मुक्त भारत अभियान को और सशक्त किया जाए और हर नागरिक इसमें अपनी भागीदारी निभाए।
आगे की कार्रवाई
डीआरआई की टीम अब युगांडा की महिला से पूछताछ कर रही है ताकि इस गिरोह के पीछे काम करने वाले बड़े तस्करों और नेटवर्क का पता लगाया जा सके। माना जा रहा है कि यह अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट से जुड़ा मामला है।