जनतंत्र, मध्यप्रदेश, श्रुति घुरैया:
शनिवार का दिन मध्यप्रदेश के इतिहास और सांस्कृतिक धरोहर को नई पहचान देने वाला साबित हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिल्ली में देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से भेंट की और उन्हें आगामी विक्रमोत्सव 2025 के भव्य शुभारंभ के लिए आमंत्रित किया। इस प्रतिष्ठित आयोजन की शुरुआत गुड़ी पड़वा (30 मार्च) के दिन होगी, जो भारतीय नववर्ष विक्रम संवत के आरंभ का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रपति को उज्जैन के महान सम्राट विक्रमादित्य के न्याय, पराक्रम और सुशासन के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा, “सम्राट विक्रमादित्य ने प्राचीन भारत में गणराज्य की स्थापना की थी। उनके मंत्रिमंडल को सिंहासन बत्तीसी के रूप में जाना जाता है, जो न्यायप्रियता और प्रशासनिक कुशलता का प्रतीक है।”
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि 12, 13 और 14 अप्रैल को दिल्ली में विशेष विक्रमोत्सव समारोह का आयोजन किया जाएगा, ताकि युवा पीढ़ी सम्राट विक्रमादित्य के सिद्धांतों को पढ़े, समझे और अपने जीवन में उतारे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर एक और महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने बताया कि 30 मार्च से पूरे मध्यप्रदेश में ‘जल गंगा अभियान’ की शुरुआत की जाएगी, जो पूरे तीन महीने तक चलेगा। यह अभियान जल संरक्षण, नदी पुनर्जीवन और स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए समर्पित रहेगा। मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि विक्रम विश्वविद्यालय में उसी समय दीक्षांत समारोह का आयोजन किया जाएगा, जिससे शिक्षा और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने विक्रमोत्सव के निमंत्रण को सहर्ष स्वीकार किया और आश्वासन दिया कि अपनी सुविधानुसार कार्यक्रम बनाकर मध्यप्रदेश सरकार को सूचित करेंगी।
दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह से भी शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने उन्हें बताया कि मध्यप्रदेश सरकार ने नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (NDDB) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता (MoU) किया है, जिसका उद्देश्य प्रदेश के दुग्ध उत्पादन को 9% से बढ़ाकर 20% तक ले जाना है। यह योजना विशेष रूप से छोटे और मझोले किसानों के लिए फायदेमंद होगी, जिससे वे सहकारिता के माध्यम से अधिक लाभ कमा सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री अमित शाह को अप्रैल के पहले सप्ताह में मध्यप्रदेश आने का न्योता दिया, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार कर लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के सफल आयोजन के लिए केंद्रीय मंत्री अमित शाह को धन्यवाद भी दिया और इस ऐतिहासिक उपलब्धि में उनके मार्गदर्शन की सराहना की।